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उत्तराखंड की ऊंची चोटियों पर तीसरे दिन भी बर्फबारी, थल-मुनस्यारी मार्ग बंद; अंधेरे में डूबी हिमनगरी

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थल मुनस्यारी मार्ग मुनस्यारी से बिटलीधार तक फोर बाई फोर वाहनों के लिए खुला. Jagran



जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़। लगातार हुई बर्फबारी के बाद थल–मुनस्यारी मोटर मार्ग तीसरे दिन भी नहीं खुल पाया है। सड़क बंद होने से हिमनगरी मुनस्यारी पूरी तरह प्रभावित है। नगर में तीन दिन से बिजली आपूर्ति ठप पड़ी है, जिससे पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा हुआ है। बिजली नहीं होने के कारण लोगों के मोबाइल फोन बंद हो चुके हैं और आपसी संपर्क भी बाधित हो गया है। स्थानीय लोगों को दैनिक जरूरतों के साथ-साथ संचार में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

शनिवार को सीमा सड़क संगठन द्वारा मुनस्यारी से बितलीधार तक ही सड़क खोली जा सकी, रविवार को बिटली धार तक फोर बाई फोर वाहनों के लिए मार्ग खुल चुका है लगभग 11 किमी मार्ग अभी भी मोटी बर्फ से ढका हुआ है। इस कारण मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में वाहन और यात्री फंसे हुए हैं।

बर्फबारी के बाद मुनस्यारी पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है| दिल्ली उत्तर प्रदेश उत्तराखंड हरियाणा आदि क्षेत्रों के पर्यटक पहुंच रहे हैं| थल मुनस्यारी मार्ग बंद होने से पर्यटकों को वाया जौलजीबी मदकोट होकर लंबा मार्ग तयकर मुनस्यारी पहुंचना पड़ा है। पर्यटन बढ़ चुका है।

उधर दारमा घाटी में भी स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। नागलिंग तक ही मार्ग खुल सका है, जबकि नागलिंग से आगे भारी बर्फ जमा होने के कारण सड़क बंद पड़ी है। और यहां पर भी भारी संख्या में पर्यटक नागलिंग तक पहुंचकर बर्फ का आनंद ले रहे हैं |सीमांत क्षेत्र को जोड़ने वाला लिपुलेख मार्ग भी तीसरे दिन यातायात के लिए नहीं खुल सका है, जिससे सीमावर्ती गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है।

आदि कैलास क्षेत्र में तेज हवाओं और खराब मौसम के चलते नुकसान की खबरें भी सामने आई हैं। तेज झोंकों के कारण आईटीबीपी बैरक की छत उड़ने की सूचना है। लगातार खराब मौसम से सड़क बहाली, बिजली आपूर्ति और राहत कार्य प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि युद्धस्तर पर बर्फ हटाने के साथ बिजली बहाल की जाए, ताकि जनजीवन जल्द पटरी पर लौट सकेऔर इस क्षेत्र में भी संचार संपर्क गड़बड़ा चुका है।
रोडवेज बस तीसरे दिन वाया मदकोट जलजीवी होकर पिथौरागढ़ को रवाना

मुनस्यारी। मुनस्यारी को चलने वाली रोडवेज बस दो-तीन दिन पूर्व पर हिमपात के कारण मुनस्यारी में ही फस गई थी | थल मुनस्यारी मार्ग पर चलने वाली रोडवेज रविवार की सुबह वाया मदकोट, जौलजीबी होकर पिथौरागढ़ को रवाना हुई है।

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