कफ सीरप तस्करी मामले में शुभम के परिवार की संपत्ति पर पुलिस का एक्शन, रविवार को भी चली कार्रवाई
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/25/article/image/kurki-1769330152038_m.webpकफ सीरप तस्करी: शुभम जायसवाल के परिवार की 30 करोड़ से अधिक संपत्ति जब्त, पुलिस की बड़ी कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। रोहनिया क्षेत्र में एक जिम के तहखाने से 500 पेटी से अधिक कफ सीरप की बरामदगी के मामले में कमिश्नरेट पुलिस ने शनिवार के बाद रविवार को भी एक बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने तस्करी गिरोह के सरगना शुभम जायसवाल के परिवार की पूर्व में ही 30.52 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। रविवार को पुलिस की टीम दोबारा परिवार से जुड़ी संपत्ति की जब्ती के लिए पहुंची। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के तहत विशेषाधिकार धारा 68-एफ का उपयोग करते हुए की गई है।
दो हजार करोड़ के कद सीरप प्रकरण मामले में शनिवार को रोहनिया पुलिस द्वारा जब्त 30 करोड़ 52 लाख की संपत्ति पर रोहनिया पुलिस ने जब्तीकरण का बोर्ड व सूचना चस्पा कर दिया। पुलिस वाहन पर लाद कर सूचनापट्ट पहुंची थी। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि रोहनिया इंस्पेक्टर राजू सिंह ने 68 (F) एनडीपीएस एक्ट (फेमा) के तहत कार्रवाई की है। इसमें अपने विवेकाधिकार का प्रयोग करते हुए रोहनिया पुलिस ने करवाई कि है। एनडीपीएस में पुलिस के विवेचक को नशे के कारोबार से कमाई गई संपत्ति को जब्त करने का अधिकार होता है। पुलिस ने जो संपत्ति जब्त की है, उसी पर अपना पुलिस का बोर्ड लगाया गया है।
इससे पहले, सोनभद्र पुलिस ने शुभम के पिता भोला प्रसाद जायसवाल की वाराणसी में 28.50 करोड़ रुपये की तीन संपत्तियां कुर्क की थीं। इन तीनों मकानों पर ताला लटक रहा था, और पुलिस ने मुख्य द्वार पर अपना ताला लगाते हुए नोटिस चस्पा किया था। वाराणसी पुलिस द्वारा जब्त की गई संपत्तियों में वाराणसी के विभिन्न इलाकों में स्थित तीन कृषि भूमि, दो आवासीय परती भूमि और तीन आवासीय भवन व फ्लैट शामिल हैं। ये संपत्तियां शुभम के पिता भोला प्रसाद, मां शारदा, बहन प्रगति जायसवाल और परिवार की सदस्य वैशाली पुर्सवानी के नाम पर दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त, इंडियन बैंक के तीन चालू खातों में जमा लगभग 1.20 करोड़ रुपये भी फ्रीज किए गए हैं।
भोला प्रसाद को अब तस्कर एवं विदेशी मुद्रा छल साधक संपत्ति संपहरण अधिनियम-1976 और एनडीपीएस एक्ट-1985 के तहत नई दिल्ली स्थित बी-विंग, लोकनायक भवन में 30 दिनों के भीतर अपील दाखिल कर यह सिद्ध करना होगा कि जब्त संपत्तियां नशे के कारोबार से अर्जित नहीं की गई हैं। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो संपत्तियों की अंतिम कुर्की तय मानी जाएगी।
19 नवंबर को लखनऊ एएनटीएफ टीम के प्रभारी निरीक्षक दर्शन यादव ने रोहनिया के भदवर स्थित दो मंजिला मकान में चल रहे जिम पर छापेमारी की थी, जहां तहखाने में छिपाई गई 500 से अधिक पेटी कफ सीरप बरामद की गई थीं। इस दौरान वाराणसी के आजाद जायसवाल को गिरफ्तार किया गया था।
प्रारंभिक मुकदमे में शुभम जायसवाल, आजाद जायसवाल और जिम संचालक व ग्राम प्रधान पति महेश कुमार सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। तफ्तीश के दौरान भोला प्रसाद, गाजियाबाद निवासी सौरभ त्यागी, शिवानंद उर्फ शिवा, स्वप्निल, दिनेश और अन्य के नाम सामने आए। शुभम जायसवाल को छोड़कर सभी आरोपित जेल में हैं। पुलिस जांच में कफ सीरप निर्माता कंपनी एबाट की रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ कि पूरे नेटवर्क में भोला समेत नौ लोग शामिल थे।
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