मणिकर्णिका घाट पर तोड़फोड़ के विरोध में सपा प्रतिनिधिमंडल के साथ वाराणसी जा रहे बलिया सांसद धरने पर बैठे
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/25/article/image/balia-1769332012873_m.webpमणिकर्णिका घाट तोड़फोड़: बलिया सांसद को रोका, सपा का धरना प्रदर्शन।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर प्रशासन द्वारा सुंदरीकरण के नाम पर मकान, मंदिर और अन्य निर्माणों को तोड़े जाने के आरोपों के खिलाफ समाजवादी पार्टी (सपा) ने एक प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है। यह प्रतिनिधिमंडल घटनास्थल पर जाकर पूरे मामले की जांच करने का इरादा रखता था।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल बलिया के सांसद को गाजीपुर जनपद के बिरनो टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोक दिया। सांसद के रोके जाने से नाराज होकर वे टोल प्लाजा पर ही जमीन पर बैठ गए और धरना देने लगे। इस घटना की सूचना मिलते ही सपा कार्यकर्ता भी मौके पर इकट्ठा हो गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर बल तैनात किया है, जिससे माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। सांसद ने कहा कि प्रशासन का यह कदम लोकतंत्र की हत्या है और वे इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि मणिकर्णिका घाट का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है, जिसे किसी भी कीमत पर नष्ट नहीं होने दिया जाएगा।
सपा के नेता इस मामले को लेकर बेहद गंभीर हैं और उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि तोड़फोड़ की कार्रवाई को तुरंत रोका जाए। सांसद ने कहा कि वे इस मुद्दे को संसद में भी उठाएंगे और जनहित में संघर्ष जारी रखेंगे।
इस बीच, पुलिस ने सांसद और उनके समर्थकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सांसद ने अपनी बात पर अडिग रहते हुए धरना जारी रखा। सपा कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे को लेकर अपनी आवाज उठाई और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
गौरतलब है कि मणिकर्णिका घाट वाराणसी का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु आते हैं। इस घाट का ऐतिहासिक महत्व है और इसे लेकर स्थानीय लोगों में गहरी भावनाएं हैं। इस घटना ने वाराणसी में राजनीतिक माहौल को और भी गरमा दिया है, और अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
Pages:
[1]