गालापुर मंदिर में चोरी का हुआ खुलासा, दो आरोपित गिरफ्तार, करीब तीन लाख की नकदी बरामद
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/25/article/image/download-1769348782297_m.webpजागरण संवाददाता, इटवा। तीन दिन पूर्व धार्मिक स्थल में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने सफलतापूर्वक पर्दाफाश कर दिया है। इटवा थाना पुलिस और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में वटवासिनी गालापुर मंदिर की दानपेटी से लाखों रुपये चुराने वाले दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों के पास से करीब तीन लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं, जिनमें गले हुए नोट भी शामिल हैं। जिससे पता चलता है कि यह रुपये मंदिर के ही थे।
वटवासिनी स्थान गालापुर न केवल जिले में बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर परिसर में लगी बड़ी दानपेटी करीब एक वर्ष से नहीं खोली गई थी। बुधवार की रात अज्ञात चोरों ने दानपेटी का कुंडा और ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
जताई थी लाखों की चोरी की आशंका
प्रारंभिक अनुमान में लाखों रुपये चोरी होने की आशंका जताई गई थी। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। जांच के दौरान सर्विलांस टीम की मदद से अहम सुराग मिले। इसके बाद पुलिस ने थाना क्षेत्र के लेटरा गांव निवासी सूरज यादव पुत्र राम किशन और राजेश वर्मा पुत्र जुगजोधन को उनके घर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने चोरी की घटना स्वीकार कर ली।
यह भी पढ़ें- ऑपरेशन थिएटर में डिलीवरी के लिए लेटी रही महिला... भीगा-भीगा है समां गाने पर रील बनाने लगीं डॉक्टर; वीडियो वायरल
आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की गई राशि बरामद की। बरामदगी में 1.83 लाख रुपये नकद के साथ लगभग एक लाख रुपये से अधिक सड़े-गले नोट शामिल हैं। पुलिस के अनुसार कुल बरामद रकम करीब तीन लाख रुपये है।
रविवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी पवीन प्रकाश की मौजूदगी में आयोजित प्रेसवार्ता में अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद ने बताया कि मामले का सफल अनावरण कर लिया गया है। गिरफ्तार दोनों आरोपितों को विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय भेज दिया गया है।
गिरफ्तारी में प्रभारी निरीक्षक रवीन्द्र सिंह के नेतृत्व में सर्विलांस प्रभारी उप निरीक्षक हरेन्द्र चौहान, उप निरीक्षक हेमराज वर्मा व अनिल कुमार ओझा, मुख्य आरक्षी जनार्दन व पुष्पेन्द्र, आरक्षी अभिनन्दन, मुख्य आरक्षी उपेन्द्र निषाद, राकेश पटेल, आरक्षी रुद्रप्रताप नायक, नरेन्द्र देव चौहान, विकाश ओझा तथा महिला आरक्षी अल्का त्रिपाठी शामिल रहीं।
मंदिर के पास करता था मैकेनिक का काम
गिरफ्तार आरोपित राजेश वर्मा मंदिर के पास बाइक मैकेनिक का काम करता था। दानपेटी पर उसकी लंबे समय से नजर थी। उसने अपने ही गांव के सूरज यादव के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया।
Pages:
[1]