अखिलेश का दावा- सपा का प्रदर्शन 2027 में और भी अच्छा होगा, शंकराचार्य मामले पर BJP को घेरा
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/25/article/image/04_09_2022-akhilesh_yadav-1_23042873_213821506-1769360805375_m.webpराज्य ब्यूरो, लखनऊ। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यालय में कैराना की सांसद इकरा हसन, पूर्व सांसद तबस्सुम हसन व क्षेत्रीय नेताओं के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति और संगठन को मजबूत करने पर मंथन किया।
बैठक में विधानसभा चुनाव की तैयारियों, रणनीति और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। कहा कि सपा का प्रदर्शन 2027 में 2024 से भी अच्छा होगा।
पार्टी मुख्यालय में उन्होंने नेताओं से अपने-अपने क्षेत्रों के राजनीतिक समीकरणों की जानकारी ली और एसआइआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) की प्रगति की समीक्षा की। कहा कि संगठन की मजबूती ही चुनावी सफलता की कुंजी है, इसलिए बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय और मजबूत किया जाए।
कार्यकर्ताओं को मतदाताओं से सीधे जुड़ने और उनकी समस्याओं को समझने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शंकराचार्य के साथ सरकार का व्यवहार अमानवीय और अमर्यादित है।
शंकराचार्य का सम्मान होना चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार का रवैया सनातन धर्म के सम्मान के खिलाफ है। जो पार्टी खुद को सनातनी बताती है, वही सनातन परंपराओं का अपमान कर रही है। इस मौके पर रालोद के युवा प्रदेश सचिव राहुल सैनी सहित कई अन्य ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
नो-मैपिंग मतदाताओं को राहत देने की मांग, सपा ने की शिकायत
मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र में नो-मैपिंग के मतदाताओं को हो रही परेशानी को लेकर समाजवादी पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखे ज्ञापन में मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र में चल रही एसआइआर प्रक्रिया पर आपत्ति जताई।
मांग की कि मैनपुरी, करहल, भोगांव और किशनी विधानसभा क्षेत्रों में नो-मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई उनके निकटतम स्थानों पर कराई जाए।
ज्ञापन में कहा गया है कि सांसद डिंपल यादव की ओर से भी शिकायत दर्ज कराई गई है कि एक-एक अधिकारी द्वारा एक बार में 150 मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और निस्तारण के लिए सिर्फ एक सप्ताह का समय दिया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया बहुत धीमी हो गई है।
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