बेहतर काम करने वाले 41 अभियंताओं को MD आज करेंगी सम्मानित, दो बिजली सखियों को प्रशस्ति पत्र
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/26/article/image/riya-kejriwal-1769367272518_m.webpजागरण संवाददाता, लखनऊ। राजधानी की बिजली व्यवस्था को बेहतर करने, एक मुश्त समाधान योजना ओटीएस में बेहतर राजस्व वसूलने के साथ ही उपभोक्ताओं के खराब मीटर निर्धारित समय में बदलने का बेहतर काम करने वाले अभियंता 26 जनवरी को सम्मानित किए जाएंगे।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की प्रबंध निदेशक रिया केजरीवाल ने ऐसे अभियंताओं को प्रशस्ति पत्र देने का निर्णय किया है। ऐसे बिजली विभाग के 41 अभियंता हैं। इनमें दो अधीक्षण अभियंता, 11 अधिशासी अभियंता, पांच सहायक अभियंता, तीन अवर अभियंता, दो बिजली सखी और अन्य कर्मी हैं।
निदेशक रिया केजरीवाल सोमवार को गोखले मार्ग स्थित मुख्यालय पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में बेहतर काम करने वाले अभियंताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगी।
इनमें बहराइच के अधीक्षण अभियंता रामयश यादव, बरेली के अधीक्षण अभियंता ज्ञानेंद्र सिंह, संडीला हरदोई से अधिशासी अभियंता अजय कुमार कनौजिया, हैदरगढ़ बाराबंकी से घनश्याम त्रिपाठी, रमेश कुमार हैदरगढ़ बाराबंकी, घनश्याम त्रिपाठी बाराबंकी शहर, अनुभव कुमार नानपारा बहराइच, जगेश कुमार कैसरगंज बहराइच, भजन लाल शाहबाद हरदोई, दयाशंकर यादव लालगंज रायबरेली, राजेश कुमार तुलसीपुर बहराइच, नागेंद्र सिंह बदायूं, केके शर्मा बदायूं टेस्ट, संजय कुमार अंबेडकरनगर टेस्ट हैं।
सहायक अभियंता में सौरभ शुक्ला जलालाबाद शाहजहांपुर, योगेंद्र बजाज कैसरगंज, कुलदीप सिंह बिसवां सीतापुर, विशाल श्रीवास्तव पीलीभीत मीटर, सौरभ परिहार बदायूं मीटर व अवर अभियंता में सुनील वर्मा कैसरगंज, विकास शुक्ला फतेहपुर बाराबंकी और अभिनव शुक्ला बिसवां सीतापुर शामिल हैं।
बिजली सखियों में नाजमीन बानो ने जमा किए 6036 बिल
बाराबंकी की दो बिजली सखियों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इनमें नाजमीन बानो व राजश्री शुक्ला शामिल हैं। एक दिसंबर से 20 जनवरी तक 51 दिन में नाजमीन बानो ने 6036 और राजश्री शुक्ला ने 5944 बिल जमा करके जिले में बिजली बिल जमा करने का काम किया है।
पुरस्कार की सूची में लखनऊ की टीम जगह न बना सकी
राजधानी लखनऊ के अभियंताओं व कर्मियों की लंबी टीम बिजली बिल राहत योजना में कोई उल्लेखनीय काम नहीं कर सकी। इसलिए एक भी अभियंता व कर्मचारी चयनित नहीं हो सका। हर साल कोई न कोई अभियंता व कर्मी प्रशस्ति पत्र की सूची में रहता था।
राजधानी के गोमती नगर, लखनऊ मध्य, अमौसी व जानकीपुरम जोन में काबिल अभियंताओं में एक भी चयनित न होने पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे में माना जा रहा है कि अभियंताओं की टीम को जो लक्ष्य दिए गए थे, उन्हें पाने में टीम को कोई विशेष रुचि नहीं है।
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