वॉट्सएप पर वारंट दिखाकर आजीवन जेल में सड़ाने की धमकी, यूपी में डिजिटल अरेस्ट कर पांच लाख ठगे
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/26/article/image/scam-cyber-crime-fraud-1769368768961_m.webpजागरण संवाददाता, कानपुर। साइबर ठगों ने जालसाजी कर चकेरी निवासी एक शारीरिक रूप से असहाय 69 वर्षीय सेवानिवृत अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट कर आजीवन जेल में सड़ाने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की ठगी कर ली।
ठगों ने उन्हें महाराष्ट्र के पुणे में चल रहे एक केस में पकड़े गए आरोपितों द्वारा उनका भी नाम बताने का झांसा देकर फर्जी प्रपत्र भेजे और डराकर बैंक खाते में पांच लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। अब ठगी का अहसास होने पर पीड़ित बुजुर्ग ने चकेरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
चकेरी के सी ब्लाक श्यामनगर निवासी विश्वनाथ गुप्ता उद्योग निदेशालय में प्रशासनिक अधिकारी पद से सेवानिवृत हैं। वह स्पाईनल समस्या के कारण चलने फिरने में असमर्थ हैं। उन्होंने बताया कि उनके मोबाइल पर बीती 29 दिसंबर 25 की सुबह अनजान नंबर से फोन आया।
जिस व्यक्ति ने स्वयं का नाम रंजीत यादव बताया। जिसने परिचय पूछने हुए प्रेम कुमार नाम के व्यक्ति से कांफ्रेस काल कराई। फिर प्रेम कुमार ने अपने उच्च अधिकारी का परिचय हुए फिर काल को कांफ्रेस पर लिया।
फिर उस व्यक्ति ने खुद का परिचय सदानंद दत्ते (नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी का डायरेक्टर) बताया। इसके बाद सदानंद ने उनसे कहा महाराष्ट्र के पुणे में चल रहे एक केस में गिरफ्तार आरोपित आरसी फौजी और अफजल खान पूछताछ में 200 लोगों के नाम लिए हैं, जिसमें उनका (विश्वनाथ गुप्ता) भी नाम शामिल है।
फिर आरोपितों ने उसके वाट्सएप पर वारंट और रिजर्व बैंक के डिप्टी कलेक्टर के हस्ताक्षर समेत दस्तावेज भेजे। कहा कि गोपनीयता को भंग न करना। फिर विश्वनाथ गुप्ता को धमका कर कहा कि, नहीं तो आजीवन जेल में सड़ना पड़ेगा। यह सुनकर पीड़ित विश्वनाथ बहुत घबरा गए।
जिसका फायदा उठाकर साइबर ठगों ने उनसे मामले से बचने के लिए पांच लाख रुपए बताए गए खाते में भेजने को कहा। जिस पर उन्होंने चेन्नई स्थित पेरियार नगर एक्सिस बैंक शाखा (अज़्यूस ब्रोस प्राइवेट लिमिटेड) में 30 दिसंबर को आरटीजीएस से पांच लाख रुपये की रकम भेजा दी।
जिसकी 31 दिसंबर को आरोपितों ने उन्हें वाट्सएप पर रसीद भेजी, जो फर्जी निकली। इसके बाद उन्होंने आरोपितों को कई बार फोन कर संपर्क करने का प्रयास किया । पर, उनके फोन नहीं उठे।
जिसपर उन्हें खुद के साथ हुई साइबर ठगी का एहसास हुआ। पीड़ित के अनुसार उन्होंने मामले की जानकारी साइबर क्राइम समेत पुलिस कमिश्नर से की। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर साइबर सेल की मदद से आरोपितों की तलाश की जा रही है।
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