मिनियापोलिस में इमिग्रेशन कार्रवाई के दौरान गोलीबारी, प्रदर्शनकारी की मौत से भड़का आक्रोश
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/25/article/image/Minneapolis-R-1769361466930_m.webpमिनियापोलिस इमिग्रेशन कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या (रॉयटर्स)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में संघीय इमिग्रेशन कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद ट्रंप प्रशासन के खिलाफ आक्रोश और बढ़ गया। इसके बाद -21 डिग्री सेल्सियस वाली कड़ाके की ठंड के बावजूद सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और संघीय इमिग्रेशन एजेंटों को मिनेसोटा से हटाने की मांग करने लगे। हिंसक झड़पें भी हुईं।
इस मामले में राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने राज्य में डेमोक्रेट गवर्नर और मेयर पर सवाल खड़े किए। वहीं शहर के मेयर ने कहा कि वीडियो में उन्होंने साफ देखा कि छह लोगों ने प्रेट्टी को घेर रखा था और एक ने उसे गोली मारी। गोली मारनेवाले अधिकारी की पहचान हो गई है। वह आठ साल पूर्व यूएस बार्डर पेट्रोल से सेवानिवृत्त हो चुका है।
मृतक की पहचान 37 वर्षीय आइसीयू नर्स और इमिग्रेशन नीति के विरोधी एलेक्स प्रेट्टी के रूप में हुई है। इस घटना ने शहर में पहले से मौजूद असंतोष को और भड़का दिया है, जहां कुछ हफ्ते पहले भी एक अन्य गोलीबारी में मौत हुई थी। वहीं होमलैंड सिक्योरिटी प्रवक्ता ट्रिसिया मैकलाघलिन ने अधिकारियों का बचाव करते हुए बंदूक लेकर प्रदर्शन में पहुंचे प्रेटी पर ही सवाल खड़े किए।
गोलीबारी के बाद भड़का आक्रोश
गोलीबारी के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। प्रदर्शनकारियों और संघीय अधिकारियों के बीच झड़पें हुईं। अधिकारियों ने लाठियां चलाईं और फ्लैश बैंग का इस्तेमाल किया। हालात को काबू में रखने के लिए मिनेसोटा नेशनल गार्ड को भी तैनात किया गया। मृतक के परिजनों ने बताया कि एलेक्स प्रेट्टी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की इमिग्रेशन कार्रवाई का विरोध कर रहे थे। परिजनों का कहना है कि प्रेट्टी निहत्थे थे और उनके हाथ में केवल मोबाइल फोन था।
संघीय एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन में टकराव
होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (डीएचएस) का दावा है कि एजेंटों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई क्योंकि एक व्यक्ति हथियार के साथ उनकी ओर बढ़ा और विरोध करने लगा। हालांकि, सामने आए वीडियो में प्रेट्टी के हाथ में हथियार नजर नहीं आता। पुलिस प्रमुख ब्रायन ओ\“हारा ने कहा कि प्रेट्टी वैध हथियार धारक हो सकते हैं, लेकिन गोलीबारी से पहले की परिस्थितियों को लेकर जानकारी सीमित है। वहीं, राज्य सरकार ने संघीय एजेंसियों पर जांच में सहयोग न करने का आरोप लगाया है।
ट्रंप ने डेमोक्रेट नेताओं पर साधा निशाना
राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज और मिनियापोलिस के मेयर पर तीखा हमला बोला। उन्होंने डेमोक्रेट नेताओं पर “विद्रोह भड़काने\“\“ का आरोप लगाया और सवाल किया कि स्थानीय पुलिस को इमिग्रेशन अधिकारियों की सुरक्षा के लिए क्यों नहीं लगाया गया। इसके जवाब में कई डेमोक्रेट सांसदों ने संघीय इमिग्रेशन एजेंसियों को मिनेसोटा से हटाने की मांग की।
सीनेट में डेमोक्रेट नेता चक शूमर ने साफ किया कि यदि डीएचएस को फंड देने वाला प्रस्ताव लाया गया तो उनकी पार्टी उसका समर्थन नहीं करेगी।
वीडियो फुटेज ने बढ़ाई बहस
घटना के चश्मदीद वीडियो में दिखता है कि अधिकारी एक व्यक्ति को धक्का देते हैं, फिर कई एजेंट उसे घेर लेते हैं। कुछ ही पलों बाद गोली चलने की आवाज आती है और व्यक्ति सड़क पर गिर जाता है। इसके बाद कई गोलियां चलने की आवाजें सुनाई देती हैं।
पुलिस प्रमुख ने जनता और संघीय एजेंसियों दोनों से संयम बरतने की अपील की है। देशभर में फैलते विरोध प्रदर्शनमिनियापोलिस के अलावा न्यूयार्क, वॉशिंगटन और लॉस एंजिलिस समेत कई अमेरिकी शहरों में प्रदर्शन हुए।
मिनियापोलिस में लोग \“आइसीई आउट नाउ\“ और \“एलेक्स प्रेट्टी को न्याय दो\“ जैसे नारे लगाते नजर आए। शाम होते-होते सैकड़ों लोगों ने गोलीबारी स्थल पर मोमबत्तियां जलाकर मृतक को श्रद्धांजलि दी। स्थानीय दुकानों ने प्रदर्शनकारियों को ठंड से राहत देने के लिए गर्म पेय और भोजन उपलब्ध कराया।
(समाचार एजेंसी एपी के इनपुट के साथ)
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