जम्मू-कश्मीर सड़क हादसे में पुरुलिया के वीर सपूत प्रद्युम्न लोहार शहीद, राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/26/article/image/ranchi-shaheed-1769371106903_m.webpजागरण संवाददाता, रांची। पुरुलिया जिले के झालदा थाना अंतर्गत पुस्ती ग्राम निवासी भारतीय सेना के जवान प्रद्युम्न लोहार उम्र 24 वर्ष जम्मू-कश्मीर में बीते गुरुवार को हुए सड़क हादसे में शहीद हो गए।
शहीद का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा शनिवार की सुबह रांची से झालदा पहुंचा। जैसे ही शव गांव पहुंचा, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।पार्थिव शरीर के आगमन पर पुस्ती व आसपास के गांवों से हजारों लोग हाथों में तिरंगा लिए अंतिम दर्शन को उमड़ पड़े।
शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों मोटरसाइकिलों का काफिला निकाला गया। हर ओर भारत माता की जय” और “शहीद प्रद्युम्न लोहार अमर रहें” के नारे गूंजते रहे।
शहीद को पुस्ती हाई स्कूल मैदान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर सेना के वरिष्ठ अधिकारी, परिजन, पुरुलिया सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो, विधायक नेपाल महतो, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, थाना प्रशासन और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
नम आंखों से सभी ने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।जानकारी के अनुसार, प्रद्युम्न लोहार बचपन से ही देश सेवा का सपना देखते थे। वर्ष 2019 में वे भारतीय सेना में भर्ती हुए।
जबकि एक वर्ष पूर्व उनकी तैनाती जम्मू में हुई थी। वे अपने माता-पिता के इकलौते संतान थे। उनके शहीद होने से घर सूना हो गया है।ग्रामीणों ने बताया कि प्रद्युम्न एक मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ युवक थे। उनके शहीद होने से पुस्ती गांव सहित झालदा क्षेत्र के सभी गांवों में शोक व्याप्त है।
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