यूपी में इंटरसिटी ट्रेन की देरी से NEET छात्रा की परीक्षा छूटी, अब रेलवे भरेगा 9 लाख रुपये जुर्माना
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/26/article/image/train-late-1769373568550_m.webpजागरण संवाददाता, बस्ती। देश में ट्रेन का समय पर न पहुंचना एक सामान्य समस्या बन चुकी है, लेकिन जब इस मामले को उपभोक्ता आयोग में उठाया गया, तो रेलवे को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश अमरजीत वर्मा और सदस्य अजय प्रकाश सिंह ने एक छात्रा की परीक्षा छूटने के कारण रेलवे पर नौ लाख रुपये का हर्जाना लगाया है। इसके अतिरिक्त, रेलवे को दस हजार रुपये अन्य मद में भी देने का निर्देश दिया गया है।
स्थानीय गांधीनगर पिकौरा बख्श मोहल्ला की समृद्धि सिंह, जो एक छात्रा हैं, ने अपने अधिवक्ता प्रभाकर मिश्रा के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में एक वाद दायर किया था।
समृद्धि ने सात मई 2018 को लखनऊ के जयनारायण पीजी कॉलेज में परीक्षा देने के लिए बस्ती से इंटरसिटी सुपरफास्ट ट्रेन का टिकट 190 रुपये में खरीदा था। उसे परीक्षा केंद्र पर 12:30 बजे रिपोर्टिंग करनी थी, जबकि ट्रेन का निर्धारित समय चारबाग में 11:00 बजे था।
हालांकि, ट्रेन 1:34 बजे दोपहर में पहुंची, जिससे समृद्धि परीक्षा में शामिल नहीं हो पाईं और उनकी वर्ष भर की पढ़ाई बर्बाद हो गई। उन्होंने रेलवे मंत्रालय, महाप्रबंधक रेलवे और स्टेशन अधीक्षक को नोटिस भेजा, लेकिन कोई उत्तर न मिलने पर 11 सितंबर 2018 को अदालत में मुकदमा दायर किया।
सात वर्ष से अधिक समय तक मामला चला। आयोग ने दोनों पक्षों को सुना और रेलवे ने ट्रेन के विलंब को स्वीकार किया, लेकिन विलंब का कारण स्पष्ट नहीं किया। आयोग ने रेलवे को 45 दिन के भीतर 9,10,000 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है। यदि समय पर भुगतान नहीं किया गया, तो 12 प्रतिशत ब्याज देना होगा।
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