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रामलला का मंदिर बना और धर्म ध्वजा भी फहरा गई, अब काशी और मथुरा का इंतजार: डिप्टी सीएम

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कविनगर रामलीला मैदान में सोमवार को श्रीराम कथा मंडप एवं प्रदर्शनी का किया उद्घाटन।



जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। राम मंदिर के निर्माण में कारसेवकों का बलिदान और उनका संघर्ष हमेशा याद किया जाएगा। यह केवल एक मंदिर का निर्माण नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था, त्याग और तपस्या की ऐतिहासिक विजय है।

बाबा सत्यनारायण मौर्य द्वारा तैयार की गई यह प्रदर्शनी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें बताएगी कि आस्था और सत्य के लिए किया गया संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाता। ये बातें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कविनगर रामलीला मैदान में सोमवार को श्रीराम कथा मंडप एवं प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह के दौरान कहीं।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन भारतीय लोकतंत्र, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकजुटता का अद्वितीय उदाहरण है। यह प्रदर्शनी न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह राष्ट्र के इतिहास का वह अध्याय भी है जिसे हर नागरिक को जानना और समझना चाहिए।

तीन लाख से अधिक रामभक्तों ने मुगलों का शासन हो या अंग्रेजों का शासन हो चाहे काले अंग्रेजों का शासन रहा हो तब तक यह व्यथा अपने मन में रखे हुए एक ही नारा लगाते थे कि राम लला हम आएंगे, मंदिर भव्य बनाएंगे। भगवान सोमनाथ का मंदिर भी इसी प्रकार तोड़ा गया था, लेकिन देश के प्रथम प्रधानमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल की अगुवाई में वहां पर खड़ा किया गया ढांचा हटाकर भव्य मंदिर निर्माण हो गया, लेकिन कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति के कारण अयोध्या, मथुरा, काशी की बीमारी जैसी की तैसी बनी रही।

उन्होंने कहा कि हिंदू दुखी होता रहा पीड़ित होता रहा। रामभक्त लड़ते रहे जूझते रहे, बलिदान होते रहे। 30 अक्टूबर 90 जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी तब निहत्थे राम भक्त श्रीराम, जय राम, जय जय राम का जाप कर रहे थे उन पर गोलियां चलाईं गईं। उनके खून से राम लला की धरती अयोध्या को लहूलुहान किया गया था। आज गर्व इस बात का है कि रामलला का भव्य मंदिर भी बन गया और धर्म ध्वजा भी फहरा गई।

उन्होंने कहा कि अब इंतजार है काशी और मथुरा का। हमारी सरकारी विरासत पर गर्व करती है। बता दें कि कविनगर स्थित रामलीला मैदान में श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा वाचक विजय कौशल जी महाराज से भक्त एक फरवरी तक शाम चार बजे से सात बजे तक कथा सुनेंगे। कथा के मुख्य यजमान अनिता रानी और अशोक जाह्नवी हैं।
बाबा सत्यनारायण मौर्य प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

इस प्रदर्शनी मंडप का मुख्य आकर्षण श्री राम जन्मभूमि मुक्ति संघर्ष की अमर कहानी विषय पर आधारित बाबा सत्यनारायण मौर्य की प्रदर्शनी बनी हुई है। इस प्रदर्शनी में राम मंदिर के इतिहास, उसके निर्माण की लंबी और संघर्षपूर्ण यात्रा, राम जन्मभूमि आंदोलन के विभिन्न चरणों, कारसेवकों की ऐतिहासिक यात्राओं तथा मंदिर निर्माण के पीछे दिए गए असंख्य बलिदानों को अत्यंत प्रभावशाली, कलात्मक और भावनात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है।

प्रदर्शनी के विभिन्न खंडों में राम जन्मभूमि आंदोलन की प्रमुख घटनाओं, ऐतिहासिक निर्णयों, जनआंदोलन की तस्वीरों, प्रतीकात्मक मूर्तियों, दृश्यात्मक पैनलों और सूचनात्मक प्रदर्शों के माध्यम से यह दर्शाया गया कि किस प्रकार वर्षों तक चले संघर्ष, तपस्या, आंदोलन और बलिदान के बाद आज अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण का सपना साकार हो सका।
श्रीराम मंदिर की तर्ज पर तैयार किया गया है कथा मंडप

अयोध्या के श्रीराम मंदिर की तर्ज पर कविनगर रामलीला मैदान में श्रीराम कथा मंडप को तैयार किया गया है। मंडप भव्य और आकर्षक रूप में सजाया गया है। प्रवेश द्वार से लेकर आंतरिक साज-सज्जा तक हर तत्व में भारतीय संस्कृति की गरिमा और धार्मिक आस्था को प्रदर्शित किया गया है।
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