पश्चिमी दिल्ली के रघुबीर नगर में दूषित जलापूर्ति की समस्या जारी, केवल कुछ घरों को राहत
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/26/article/image/Delhi-News-(23)-1769398955098_m.webpकॉलोनी के 12 गज वाले हिस्से में बने घरों के नल से बदरंग बदबूदार और झागयुक्त पानी निकलता है। फोटो- वीडियो ग्रैब
कालोनी के 412 फ्लैटों में अभी भी हो रही दूषित जलापूर्ति
- पानी से तेज बदबू व झाग
- 15 गज वाले 92 फ्लैट में आने लगा साफ पानी
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। रघुबीर स्थित एचएमपी कॉलोनी में दूषित जलापूर्ति की समस्या कॉलोनी के अधिकांश हिस्सों में कायम है। दैनिक जागरण द्वारा दूषित जलापूर्ति की समस्या को लगातार प्रकाशित करने के बाद दिल्ली जल बोर्ड कुछ हद तक सक्रिय तो हुआ है, कुछ हिस्सों में साफ पानी आना शुरू हुआ है, लेकिन अभी भी कई हिस्से ऐसे हैं जहां नलों में आने वाला पानी पीने योग्य नहीं है।
यह समस्या कब तक दुरुस्त होगी, यह सटीक तरीके से बताने में कोई सक्षम नहीं है। जिन घराें साफ पानी आना शुरू हुआ है, वे इस बात से सशंकित है कि आने वाले दिनों में फिर दूषित पानी की आपूर्ति न शुरू हो जाए।
12 गज वाले हिस्से में दूषित जलापूर्ति की समस्या यथावत
दो हिस्सों में बंटी एचएमपी कॉलोनी के एक हिस्से में 12 गज वाले फ्लैट है। इनकी कुल संख्या 412 है। यानि कालोनी का तीन चौथाई से भी अधिक हिस्सा इसी हिस्से में रहता है। इस हिस्से में रहने वाले लोगों को दूषित जलापूर्ति की समस्या से रत्ती भर भी निजात नहीं मिली है।
लोगों का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद जब नलों में पानी आया तो लगा कि शायद अब पानी से जुड़ी समस्या का हल हो गया। लेकिन जब पानी आया तो उम्मीद निराशा में बदल गई। नलों में जो पानी आया, उससे तेज बदबू निकली। पानी का रंग भी काला है। पानी से झाग निकलता है। एक वाक्य में निचोड़ कहें तो इस पानी का इस्तेमाल पीने के लिए नहीं किया जा सकता है। नहाने के लिए भी नहीं।
15 गज में साफ पानी आना हुआ घरों
कॉलोनी के दूसरे हिस्से जिसमें 15 गज वाले फ्लैट हैं, वहां साफ पानी आना शुरू हुआ है। इससे लोगों में राहत है। 15 गज वाले 92 फ्लैट हैं। लोगों ने कहा कि दैनिक जागरण की खबरों का यह असर है कि नलों में साफ पानी आना शुरू हुआ। दिल्ली जल बोर्ड ने हमारी समस्याओं की सुध ली, लेकिन जल बोर्ड को अभी काफी कुछ करना है। पूरी कालोनी को दूषित जलापूर्ति की समस्या से निजात दिलानी है।
क्या कर रहा है जल बोर्ड
दिल्ली जल बोर्ड के कर्मी दूषित जलापूर्ति की समस्या का जड़ ढूंढने में जुटे हैं लेकिन यह जड़ कई जगह फैले होने की आशंका है। फिलहाल दो दिनों से नजफगढ़ नाले के किनारे डीडीए पार्क के पास लाल मंदिर के नजदीक खोदाई हो रही है। यहां खोदाई कर पानी की पाइपलाइन को चेक किया जा रहा है।
यह पता करने का प्रयास हो रहा है कि कहां लीकेज है और कहां सीवर की लाइन या नाले का पानी पाइपलाइन में मिक्स हो रहा है। काम में जुटे कर्मियों का कहना है कि यदि यहां कोई गड़बड़ी नहीं मिली तो अन्य संभावना वाली जगहों पर खोदाई होगी। जल बोर्ड कर्मी इस बात का भी प्रयास कर रहे हैं कि पानी की आपूर्ति उचित दबाव के साथ हो ताकि मोटर चलाने की नौबत नहीं आए।
बोतलबंद पानी पर ही फिलहाल भरोसा
कॉलोनी की आरडब्ल्यूए के प्रधान सत्येंद्र का कहना है कि फिलहाल पूरी कालोनी पीने का पानी खरीद कर इंतजाम कर रही है। लोग बोतलबंद पानी ले रहे हैं। जो नहीं खरीद सकते, वे अपने कार्यालयों या आसपास स्थित मोहल्लों में रहने वाले अपने स्वजन के घर से, मंदिरों से पानी भरकर लाते हैं।
जल बोर्ड को यह समझना होगा कि ऐसा लंबे समय तक लोग नहीं कर सकते हैं। इसके पहले कि दूषित जलापूर्ति की समस्या से तंग आकर लोग यहां रहना छोड़ दें जल बोर्ड को इस समस्या का स्थायी समाधान ढूंढना ही होगा। इस संबंध में दिल्ली जल बोर्ड के अभियंता महेंद्र से संपर्क कर उनका पक्ष जानने के लिए उन्हें फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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