औद्योगिक पार्क से लेकर हेलीपोर्ट तक... CM की यात्रा के बाद वैशाली में विकास परियोजनाओं को मिली गति
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/26/article/image/Vaishali-DM-1769398833307_m.webpरवि शंकर शुक्ला, हाजीपुर। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शनिवार को हाजीपुर में संपन्न समृद्धि यात्रा के बाद वैशाली में विकास की गंगा बहाने की कोशिश तेज कर दी गई है। हाजीपुर शहर में जल-जमाव से लोगों को मुक्ति दिलाने को लेकर पंद्रह दिनों के अंदर स्टार्म वॉटर ड्रेनेज योजना का कार्य प्रारंभ हो जाएगा।
वहीं, ऐतिहासिक बरैला झील को इको टूरिज्म पार्क के रूप में विकसित करने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। साथ ही औद्योगिक विकास की दिशा में आमस-दरभंगा मुख्य मार्ग पर राजापाकर, महुआ एवं जंदाहा प्रखंडों की भूमि को मिलाकर 1243 एकड़ में औद्योगिक पार्क विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सफल समृद्धि यात्रा के पश्चात वैशाली समाहरणालय सभागार में रविवार को संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की गई।
जिला पदाधिकारी वैशाली वर्षा सिंह एवं पुलिस अधीक्षक वैशाली विक्रम सिहाग ने इस मौके पर जिले में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति के साथ ही प्रारंभ होने वाली विकास योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई।
उन्होंने कहा कि वैशाली के सर्वांगीण विकास को लेकर मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए दिशा-निर्देश के आलोक में वैशाली जिला प्रशासन की ओर से विस्तृत रोडमैप तैयार कर कार्रवाई तेज कर दी गई है। आने वाले कुछ दिनों में ही धरातल पर योजनाएं आकार लेने लगेंगी।
मुख्यमंत्री के स्तर पर समीक्षा के बाद दिए गए हैं निर्देश
जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा (06 जनवरी 2025) के दौरान घोषित छह प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की गई है। इन योजनाओं में से वाया नदी की उड़ाही योजना शत-प्रतिशत पूर्ण कर ली गई है।
शेष योजनाओं में स्टार्म वॉटर ड्रेनेज योजना, गोरौल डिग्री कालेज के निर्माण, बरैला झील के विकास, औद्योगिक पार्क तथा अन्य अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करने का निर्देश प्राप्त हुआ है।
हाजीपुर शहर में स्टार्म वॉटर ड्रेनेज योजना का कार्य 15 दिनों के भीतर प्रारंभ कर दिया जाएगा, जिससे शहरी क्षेत्रों में जल-जमाव की समस्या का स्थायी समाधान होगा।
इको टूरिज्म पार्क के रूप में विकसित होगा बरैला झील
डीएम ने बताया कि ऐतिहासिक बरैला झील के विकास की कवायद जिले में तेज कर दी गई है। डीएम ने बताया कि बरैला झील को इको टूरिज्म पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इसके लिए 45 एकड़ भूमि की अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है तथा कुल 200 हेक्टेयर क्षेत्र में इनलेट और आउटलेट निर्माण कार्य प्रगति पर है। अब तक रैयतों को मुआवजे का भुगतान कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि बरैला झील के विकास से इलाके में पर्यटन के विकास की संभावना काफी बढ़ जाएगी और यह क्षेत्र पर्यटक स्थल के रूप में बिहार में आकर्षण का केंद्र बनेगा।
औद्योगिक विकास काे लेकर विकसित होगा औद्योगिक पार्क
औद्योगिक विकास की दिशा में आमस-दरभंगा मुख्य मार्ग पर राजापाकर, महुआ एवं जंदाहा प्रखंडों की भूमि को मिलाकर 1243 एकड़ में औद्योगिक पार्क विकसित किया जा रहा है।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है तथा सभी रैयतों को भुगतान कर कर दिया जाएगा। इससे जिले में रोजगार और निवेश के नए अवसर सृजित होंगे।
बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने को 05 नए पावर सब-स्टेशन
जिले में निर्वाध विद्युत आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए 05 नए पावर सब स्टेशन का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। डीएम ने बताया कि नए पावर सब स्टेशन का कार्य इस वर्ष दिसंबर तक पूर्ण कर लिया जाएगा।
सात निश्चय पार्ट 2 की जितनी भी शेष योजनाएं हैं, उन्हें 31 मार्च 2026 तक पूर्ण कर लिए जाने के संबंध में निदेश दिया गया है। सात निश्चय पार्ट 3 जो सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है उसका भी प्रारंभ किया जा रहा है।
67 प्रतिशत किसानों का हो चुका है फार्मर पंजीकरण
कृषि क्षेत्र की प्रगति की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में 67 प्रतिशत किसानों का फार्मर पंजीकरण हो चुका है, जो बिहार में सर्वाधिक है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए वैशाली माडल को अन्य जिलों में अपनाने का निर्देश दिया है।
धान अधिप्राप्ति में भी जिले ने 46 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। राजस्व महाअभियान के पश्चात वैशाली जिले में परिमार्जन को भी शून्य कर लिया गया है साथ ही 26 जनवरी के पश्चात राजस्व का एक विशेष महाअभियान भी चलाया जाएगा।
बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह बुद्ध स्मृति स्तूप के निर्माण से बढ़े बौद्ध सैलानी
जिला पदाधिकारी ने बताया कि वैशाली में नवनिर्मित बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह बुद्ध स्मृति स्तूप में भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि-अवशेषों के कारण देसी-विदेशी सैलानियों के आकर्षण के का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
यहां देश-विदेश से बौद्ध अनुयायियों और पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ रही है। इसी को देखते हुए सरकार ने हेलीपोर्ट निर्माण कराया जाना है।
वैशाली में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए करीब पांच एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। इसके लिए जिले में उपलब्ध सरकारी भूमि को चिह्नित किया जाएगा और हेलीपोर्ट निर्माण के लिए उपयुक्त स्थल का चयन किया जाएगा।
हेलीपोर्ट के बन जाने से वैशाली में पर्यटकों की आवाजाही और अधिक सुगम होगी, जिससे क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
महिला सशक्तिकरण को फरवरी तक जिले में 3500 नए स्वयं सहायता समूह
महिला सशक्तिकरण के तहत डीएम ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जीविका से बड़ी संख्या में महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह संख्या अपेक्षाकृत कम है।
इसे देखते हुए फरवरी तक जिले में 3500 नए स्वयं सहायता समूह गठित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिले में शहर से लेकर गांवों तक कार्रवाई तेज कर दी गई है।
जिले की सभी पंचायतों में खोले जाएंगे सुधा डेयरी बूथ
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिले की सभी पंचायतों में सुधा डेयरी बूथ खोले जाएंगे। पंचायत सरकार भवन अथवा अन्य सरकारी भवनों में यह बूथ संचालित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादों की सुलभ आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इसके लिए पंचायत सरकार भवन अथवा अन्य सरकारी भवनों में स्थान चिन्हित कर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के सर्वेक्षण का कार्य एक तिहाई पूरा
डीएम ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर लगभग 94 लाख परिवारों में 3.13 लाख परिवार वैशाली जिले से संबंधित है जिनमें से लगभग एक तिहाई का सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इन परिवारों को आजीविका संसाधन से जोड़ने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
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