एसकेएमसीएच में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक होगा ब्लड सैंपल कलेक्शन, नई व्यवस्था लागू
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/26/article/image/Blood-sample-skmch-1769397241324_m.webpसंध्याकालीन ओपीडी के मरीजों को भी इससे होगा फायदा। प्रतीकात्मक फोटो
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। SKMCH Muzaffarpur: श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसकेएमसीएच) के क्लीनिकल पैथोलाजी केंद्र में अब मरीजों का ब्लड सैंपल कलेक्शन सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक किया जाएगा। इस नई व्यवस्था के लागू होने से संध्याकालीन ओपीडी में आने वाले मरीजों को भी जांच सुविधा का लाभ मिलेगा और उन्हें दोबारा अस्पताल आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
एसकेएमसीएच प्रशासन के निर्देश पर यह व्यवस्था सोमवार से लागू कर दी गई है। उपाधीक्षक डा. सतीश कुमार सिंह ने बताया कि आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से कार्यरत लैब टेक्नीशियन से प्रतिदिन आठ घंटे का कार्य लिया जाना है। इसी के तहत अब वे सुबह नौ से शाम पांच बजे तक अपनी सेवाएं देंगे।
उन्होंने बताया कि क्लीनिकल पैथोलाजी केंद्र में ब्लड सैंपल कलेक्शन की पूरी जिम्मेदारी आउटसोर्सिंग एजेंसी की है। इस संबंध में विभागाध्यक्ष और इंचार्ज को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही न हो।
गौरतलब है कि 25 जनवरी के अंक में दैनिक जागरण में “लैब टेक्नीशियन गायब, मरीजों का हंगामा” शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए व्यवस्था में सुधार किया है।
इंचार्ज की मनमानी पर मांगा गया स्पष्टीकरण
क्लीनिकल पैथोलाजी केंद्र के आउटसोर्सिंग लैब टेक्नीशियन के इंचार्ज सरोज कुमार से उपाधीक्षक डा. सतीश कुमार सिंह ने स्पष्टीकरण मांगा है। डीलिंग क्लर्क को इस संबंध में निर्देश दिया गया है।
आरोप है कि इंचार्ज बिना उच्चाधिकारियों की अनुमति के लैब टेक्नीशियन से निर्धारित आठ घंटे के बजाय केवल पांच घंटे ही कार्य ले रहे थे। इससे विभाग में अनियमितता और मिलीभगत की आशंका जताई गई है।
मामला सामने आने के बाद संबंधित इंचार्ज को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही अस्पताल प्रबंधक संजय कुमार शाह से उनकी कार्यप्रणाली की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा जाएगा।
बताया जा रहा है कि शनिवार को सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक सैंपल कलेक्शन सेंटर से लैब टेक्नीशियन गायब थे। इसकी सूचना मिलने पर अस्पताल प्रबंधन मौके पर पहुंचा और लापरवाही की पूरी रिपोर्ट उपाधीक्षक को सौंपी।
नई व्यवस्था से मरीजों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है और अस्पताल सेवाओं में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
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