LHC0088 Publish time 1 hour(s) ago

77th Republic Day: कर्तव्य पथ पर भारत की शक्ति और संस्कृति का भव्य प्रदर्शन, यहां देखें 10 मुख्य बिंदु

77th Republic Day: आज भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दिल्ली के कर्तव्य पथ पर परेड की अध्यक्षता करेंगी। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस बार मुख्य अतिथि होंगे। अब चलिए जानते हैं गणतंत्र दिवस परेड के बारे में कुछ जरूरी बातें।



आज की गणतंत्र दिवस परेड के बारे में 10 मुख्य बिंदु:



[*]इस वर्ष, राष्ट्रपति भवन से राष्ट्रीय युद्ध स्मारक तक फैले कर्तव्य पथ को भारत की उल्लेखनीय यात्रा को प्रदर्शित करने के लिए भव्य रूप से सजाया गया है। समारोह में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150 साल पुरानी विरासत का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
[*]रक्षा मंत्रालय के अनुसार, परेड में देश की अभूतपूर्व विकासात्मक प्रगति, मजबूत सैन्य शक्ति, जीवंत सांस्कृतिक विविधता और जीवन के सभी क्षेत्रों से जुड़े नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को प्रदर्शित किया जाएगा।
[*]गणतंत्र दिवस परेड सुबह 10:30 बजे शुरू होगी और लगभग 90 मिनट तक चलेगी। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के भ्रमण से होगी, जहां वे पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
[*]इसके बाद, प्रधानमंत्री मोदी और अन्य गणमान्य व्यक्ति कर्तव्य पथ स्थित सलामी मंच पर परेड देखने के लिए जाएंगे। राष्ट्रपति मुर्मू और दोनों मुख्य अतिथि राष्ट्रपति के अंगरक्षकों (भारतीय सेना की सबसे वरिष्ठ रेजिमेंट) की सुरक्षा में पारंपरिक बग्गी में आएंगे।
[*]परंपरा के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा, जिसके बाद राष्ट्रगान होगा और स्वदेशी रूप से विकसित 105 मिमी हल्की फील्ड तोपों से 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। यह सलामी 172 फील्ड रेजिमेंट की 1721 सेरेमोनियल बैटरी द्वारा दी जाएगी।
[*]\“विविधता में एकता\“ विषय पर आधारित परेड में कम से कम 100 सांस्कृतिक कलाकार प्रस्तुति देंगे। यह भव्य संगीतमय प्रस्तुति राष्ट्र की एकता और समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करेगी।
[*]परेड की कमान लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, दिल्ली, जो दूसरी पीढ़ी के सेना अधिकारी हैं, संभालेंगे। मेजर जनरल नवराज ढिल्लों, चीफ ऑफ स्टाफ, मुख्यालय दिल्ली, जो तीसरी पीढ़ी के सेना अधिकारी हैं, परेड के द्वितीय-कमांड होंगे।
[*]सर्वोच्च वीरता पुरस्कारों के गौरवशाली विजेताओं की परेड होगी। इनमें परम वीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (मानद कप्तान) योगेंद्र सिंह यादव (सेवानिवृत्त) और सूबेदार मेजर संजय कुमार, तथा अशोक चक्र विजेता मेजर जनरल सी.ए. पिथावालिया (सेवानिवृत्त) और कर्नल डी. श्री राम कुमार शामिल हैं।
[*]यूरोपीय संघ (ईयू) की टुकड़ी में तीन जिप्सी गाड़ियों पर चार ध्वजवाहक होंगे। वे चार ध्वज लिए हुए दिखाई देंगे - यूरोपीय संघ का ध्वज, जो यूरोपीय संघ का सबसे विशिष्ट प्रतीक है; यूरोपीय संघ के सैन्य स्टाफ का ध्वज; यूरोपीय संघ नौसेना बल अटलांटा का ध्वज; और यूरोपीय संघ नौसेना बल एस्पाइड्स का ध्वज।
[*]इस साल पहली बार परेड में भारतीय सेना की युद्ध तैयारी (बैटल ऐरे) को खास तरीके से दिखाया जाएगा, जिसमें हवाई ताकत भी शामिल होगी। सबसे आगे 61 कैवेलरी के जवान युद्ध वर्दी में टोही (रेकी) भूमिका में नजर आएंगे। इसके बाद भारत में बनी हल्की बख्तरबंद टोही गाड़ी दिखाई देगी।हवाई समर्थन के लिए स्वदेशी ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर और उसका हथियारों से लैस रूप रुद्र भी परेड का हिस्सा होंगे।




यह भी पढ़ें: Republic Day 2026: भैरव बटालियन... सूर्यस्त्र रॉकेट लॉन्चर, परेड में दिखेगी ऑपरेशन सिंदूर की ताकत
Pages: [1]
View full version: 77th Republic Day: कर्तव्य पथ पर भारत की शक्ति और संस्कृति का भव्य प्रदर्शन, यहां देखें 10 मुख्य बिंदु

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com