देहरादून में बुजुर्ग के साथ ₹14.60 लाख की साइबर ठगी, खुद को CBI अधिकारी बताकर ठग ने 6 दिनों तक किया डिजिटल अरेस्ट
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/26/article/image/download-1769400398452_m.webpप्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, देहरादून। साइबर ठगों ने बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर उनसे 14.60 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने उन्हें छह दिन तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा और दो खातों से यह रकम अपने खातों में डलवाई। उन्हें डराया गया कि यह मनी लांड्रिंग का केस है।
इसमें उनकी बहु-बेटियों व अन्य स्वजन की सुरक्षा को खतरा बताया। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दी गई शिकायत के बाद यह मुकदमा रायपुर थाने में दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।
रायपुर निवासी सनमीत सिंह ने बताया कि छह जनवरी को उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह सीबीआई हेड क्वार्टर मुंबई से बात कर रहा है। जानकारी दी कि आपका आधार कार्ड खो गया था, उस आधार कार्ड की आईडी पर एक सिम कार्ड छत्रपति शिवाजी एयरपोर्ट मुंबई से खरीदा गया है, जिसका संबंध नरेश गोयल मनी लांड्रिंग केस से है तथा उसके पेपर भी व्हाट्सएप के माध्यम से उन्हें भेजे गए।
कई दिनों तक उन्हें व्हाट्सएप कॉल आई और डराया धमकाया गया कि इस केस में आप व आपका परिवार संलिप्त है। यदि आप इस केस से बचना चाहते हैं, तो आप तत्काल 3.10 लाख रुपये भेजें ताकि आप व आपका परिवार सुरक्षित रहे और आपके खातों की जांच हो सके।
पीड़ित ने बताया कि मानसिक तनाव के कारण 08 जनवरी को उन्होंने दिए गए खाता नंबर में 3.10 लाख रुपये की राशि जमाकर दी, जिसकी उन्हें रसीद दी गई। कहा गया कि आपके खाते की जांच हो रही है, लेकिन उसके बाद भी व्हाट्सएप पर लगातार कॉल आती रही और पारिवारिक सुरक्षा के नाम पर दूसरे खाते से भी रुपये भेजने का दबाव बनाया गया।
उन्होंने 12 जनवरी को 11.50 लाख रुपये की रकम ट्रांसफर कर दी, लेकिन इस रकम की उन्हें रसीद नहीं भेजी गई, जिस पर उन्हें फर्जीवाड़े का शक हुआ और इसकी सूचना साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दी। थानाध्यक्ष रायपुर गिरीश नेगी ने बताया कि मुकदमा दर्ज करने के बाद जांच की जा रही है।
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