11 वर्षीय किशोर पर छेड़छाड़ का मुकदमा, एसपी बोले- स्क्रीन टाइम बढ़ने के चलते इस तरह की घटनाएं
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/26/article/image/molestation-1769405668147_m.webpजागरण संवादाता, सीतापुर। मिश्रिख कोतवाली में 11 साल के नाबालिग पर छेड़छाड़ का मुकदमा लिखा गया है। इसे जिले का ऐसा पहला मुकदमा बताया जा रहा है। बालक पर एक सात वर्षीय बालिका के साथ अश्लील हरकत करने का आरोप है।
पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल का कहना है कि बालक-बालिकाओं के स्क्रीन पर अधिक समय व्यतीत करने के चलते इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। स्क्रीन टाइम कम करके ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ मिलकर पुलिस जागरूकता अभियान चला रही है। बालक और बालिका एक ही परिवार के सदस्य हैं।
मिश्रिख के एक गांव में शनिवार देर शाम एक ही परिवार के 11 वर्षीय बालक और सात वर्षीय बालिका एक साथ खेल रहे थे। इसी दौरान बालक ने बालिका के साथ ऐसे कृत्य करने लगा, जिससे वह असहज हो गई। उसने बालिका के अंत:वस्त्र में हाथ में हाथ डालने के साथ ही बालिका को परेशान करने वाली हरकतें करने लगा।
बालिका ने मांं को घटना की जानकारी दी। इस पर वह बालिका को लेकर मिश्रिख कोतवाली पहुंचीं और मुकदमा लिखवाया। कोतवाल प्रदीप सिंह ने बताया कि अवकाश के बाद मंगलवार को बालक को बाल न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। न्यायालय के आदेश का अनुपालन किया जाएगा। पुलिस विभाग के सूत्रों के मुताबिक जिले में इस तरह का यह पहला मुकदमा है, जिसमें 11 वर्ष के बालक पर छेड़छाड़ का मुकदमा लिखा गया है।
अभिभावकों को समझनी होगी जिम्मेदारी
मनोरोग विशेषज्ञ डा. प्रांशू अग्रवाल ने 10 वर्ष के बाद बालक-बालिकाओं में हार्मोन के स्तर पर बदलाव होने लगते हैं। इस दौरान अभिभावकों को विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। खुले मन से कहें तो पाल्यों को यौन शिक्षा देनी चाहिए। उधर, मोबाइल पर प्रसारित होने वाली विभिन्न विषय वस्तु बालाक-बालिकाओं पर खराब असर डाल रही है।
इतनी कम उम्र ऐसे अपराध का संभवत: यह जिले का पहल मामला है। स्वयं के साथ ही सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर पुलिस इसे रोकने का का प्रयास कर रही है। अब अभिभावकों की काउंसिलिंग पर भी काम किया जाएगा।
-अंकुर अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक।
किशोरियों के उत्पीड़न के मामले तो आते हैं। पूछताछ में ज्यादातर मामलों में मोबाइल पर प्रसारित होने वाली अश्लील लघु फिल्मों की बात सामने आती है। इसमें सुधार को लेकर बड़े स्तर पर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।
-अवनेंद्र विक्रम सिंह, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति।
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