ट्रेनों को मिला सुरक्षा कवच! गोरखपुर-गोंडा रेलखंड पर ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का काम पूरा, अब सरपट दौड़ेंगी ट्रेनें
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/26/article/image/download-1769406540670_m.webpप्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, बस्ती। गोरखपुर-गोंडा रेलखंड पर साल भर से चल रहा ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का कार्य पूरा हो गया है, जिससे अब पूर्वोत्तर रेलवे की 138 किमी लंबी पटरी सुरक्षित हो गई है। इससे रेलगाड़ियों का सफर भी सुहाना साबित होगा।
संरक्षित, सुरक्षित व यात्रियों के मांग के अनुसार ट्रेनों का सुगम परिचालन के लिए भारतीय रेल पर इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास, विस्तार व सुदृढ़ीकरण का कार्य लगभग एक साल से चल रहा था। पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर इसकी सीधी निगहबानी कर रहे थे।
एनईआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के अनुसार लखनऊ मंडल के गोरखपुर-गोंडा रेल खंड पर स्थित बभनान-परसा तिवारी व स्वामी नारायण छपिया स्टेशनों के बीच 12 किमी की ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग के कमीशनिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।
यह कार्य बहुत ही सुगम तरीके से बिना ट्रेन परिचालन को प्रभावित किये सम्पन्न किया गया है। इसके साथ ही, पूर्वोत्तर रेलवे पर अब तक 138.57 रूट किलोमीटर ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है, जो रेलवे के लिये विशेष उपलब्धि है।
बताया कि वर्ष 2025-26 में इस रेलवे पर गोविन्दनगर-टिनिच-गौर-बभनान (24.64 किमी) व बभनान-स्वामी नारायण छपिया (12 किमी) खंडों सहित कुल 36.64 किमी ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग का कार्य पूरा किया गया है। सीपीआरओ ने बताया कि बभनान-स्वामी नारायण छपिया खंड के ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग का कार्य पूर्ण होने से अधिकतम ट्रेनों का संचलन सम्भव होगा व लाइन क्षमता में वृद्धि होगी।
इसके अतिरिक्त ट्रेनों के समय-पालन में सुधार के साथ ही संरक्षा सुनिश्चित होगी। इस कार्य में प्रमुख मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर एमएल मकवाना की टीम ने दिन-रात काम किया है।
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