गणतंत्र दिवस पर सरसंघचालक मोहन भागवत ने दिलाया देश को दुनिया का सिरमौर बनाने का संकल्प
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/26/article/image/RSS-flag-hosting-1769411029837_m.webpमधुकर निकेतन में झंडोत्तोलन कर देशवासियों को कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। फोटो- जागरण
अमरेन्द्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। Mohan Bhagwat speech: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तर बिहार के प्रांत कार्यालय मधुकर निकेतन में झंडोत्तोल कर देशवासियों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि अपने दायित्वों और कर्तव्यों को याद करने का अवसर है। हम सभी को संकल्प लेना चाहिए कि अपने देश को विश्व में सर्वोच्च स्थान दिलाएं। यही हमारे पूर्वजों के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने कहा कि जब देश के सभी नागरिक एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देते हैं, तभी भारत सशक्त और समृद्ध बनता है। भारत को एक सच्चा गणराज्य बनाए रखने के लिए हर नागरिक को अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना होगा।
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तिरंगे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मोहन भागवत ने कहा कि तिरंगे का भगवा रंग त्याग, तपस्या और सनातन संस्कृति का प्रतीक है। सफेद रंग शांति और पवित्रता को दर्शाता है, जबकि हरा रंग समृद्धि और कर्मशीलता का प्रतीक है। अशोक चक्र यह संदेश देता है कि राष्ट्र का संचालन धर्म और न्याय के आधार पर होना चाहिए।
उन्होंने संविधान का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा साहेब डा. भीमराव आंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान हमें सही आचरण और कर्तव्य का मार्ग दिखाता है। संविधान की प्रस्तावना का पाठ नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करता है। कानून का पालन करना हर नागरिक का मूल कर्तव्य है।
इस कार्यक्रम में क्षेत्र प्रचारक रामनवमी प्रसाद, प्रांत प्रचारक रविशंकर सिंह बिशेन, क्षेत्र कार्यवाह डा. मोहन सिंह, प्रांत संघचालक गौरी शंकर प्रसाद, विभाग संघचालक चंद्रमोहन खन्ना, लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष श्यामसुंदर भीमसरिया सहित कई वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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