जल्द ही टूरिस्ट हब बनेगा यूपी के ये ऐतिहासिक किला, 30 साल बाद सेना के कब्जे से हुआ मुक्त
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/26/article/image/17_08_2025-kalinjar_fort_24015974-1768467477340_m-1769414520750_m.webpप्रतीकात्मक तस्वीर
संवाद सहयोगी, जागरण महोबा। ऐतिहासिक मंगलगढ़ दुर्ग 30 वर्षों बाद सेना के कब्जे से मुक्त हुआ है। अब लोगों की उत्सुकता किले पर पहुंचने के लिए है। यहां अभी कुछ जगह जीर्णशीर्ण और खंडहर सी हो गई हैं। इसको सुरक्षित क्षेत्र बनाने के बाद जल्द ही यह पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।
यह बात राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के मौके पर किला पर आयोजित पर्यटन गोष्ठी में एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर ने कही। उन्होंने बताया कि किले को पर्यटकों के लिए खोलने की शासन स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। बताया कि किले की इमारतें तीन सौ वर्ष पुरानी हैं, जो कि क्षतिग्रस्त हैं। खतरनाक स्थिति में हैं, ऐसी दशा में पर्यटकों के लिए फिलहाल किला बंद किया गया है।
जिसे जल्द शुरू कराया जाएगा। चरखारी शिक्षा का हब है और प्राकृतिक सुंदरता का केंद्र के साथ ही धार्मिक नगरी है। किला तैयार होता है तो चरखारी पर्यटन का भी हब बनेगा। जिला पंचायत अध्यक्ष जेपी अनुरागी ने भी इसके इतिहास के बारे में जानकारी दी।
विधायक डॉ. बृजभूषण राजपूत के प्रतिनिधि उदित राजपूत ने भी विचार रखे। इस दौरान कैलाश ताम्रकार, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रधान संघ देवेंद्र सिंह, व्यापार मंडल अध्यक्ष आनंद स्वरूप दमेले, एससडीएम चरखारी धीरेंद्र कुमार, तहसीलदार रामानंद मिश्रा, नायब तहसीलदार हेमकांत त्रिपाठी, पालिका अध्यक्ष मंजू कुशवाहा, प्रतिनिधि रामपाल कुशवाहा, ईओ अमरजीत, वरिष्ठ लिपिक अय्यूब खां, पूर्व ब्लाक प्रमुख करन सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
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