हर खाताधारक को है यह अधिकार, बैंक अगर समस्या नहीं सुने तो किससे करनी है शिकायत?
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/26/article/image/Republic-Day-New-(8)-1769417315160_m.webpबैंक में शिकायत का समाधान न निकलने पर क्या करना है?
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कई बार ऐसा होता है, जब बैंक से जुड़ा काम महीनों तक अटका रहता है। फिर चाहे खाते में गलती हो, चार्ज की कटौती, लोन या क्रेडिट कार्ड से जुड़ी समस्या, पेंशन, सब्सिडी या फिर केवाईसी अपडेट जैसे मामलों को लेकर कस्टमर को बार-बार बैंक जाना होता है लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती।
मौखिक रूप से बोलने पर शिकायत पर सुनवाई नहीं होती और मामले को टाल दिया जाता है। ऐसी स्थिति में ग्राहक असहाय महसूस करता है, जबकि बैंकिंग नियमों के मुताबिक उसे शिकायत करने और समाधान पाने का पूरा अधिकार होता है। ऐसे में जानते हैं किसे और कैसे करनी है शिकायत।
तीन तरीकों से की जा सकती है शिकायत
पहला, आंतरिक शिकायत- हर बैंक में ग्रिवांस सेल होती है। ब्रांच मैनेजर को लिखित में शिकायत दें और शिकायत संख्या जरूर लें। अगर 30 दिनों में समस्या का समाधान नहीं निकलता है तो दूसरा कदम उठाएं।
दूसरा, नोडल अधिकारी- बैंक की वेबसाइट पर नोडल/अपील अधिकारी का विवरण दिया जाता है। इस पर डाक या ई-मेल से शिकायत भेजें। पहले वाली शिकायत की संख्या और दस्तावेज भी संलग्न करें।
तीसरा, बैंकिंग लोकपाल- 30 दिनों में समाधान न निकलने या फिर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर RBI Banking Ombudsman में शिकायत करें। ऑनलाइन पोर्टल cms.rbi.org.in पर निशुल्क शिकायत की जा सकती है। इसके अलावा 14448 पर शिकायत की प्रक्रिया को भी जाना जा सकता है। यहां शिकायत के बाद समस्या को हल करना बैंक की जिम्मेदारी हो जाती है। लोकपाल के पास शिकायत करने से पहले बैंक में शिकायत जरूर करें और 30 दिन तक बैंक से समाधान निकलने का इंतजार भी।
यहां बता दें कि जो भी पत्राचार किया है, उसका रिकॉर्ड भी जरूर रखें। ईमेल और रसीद भी शुरक्षित रखें। तय समयसीमा का पालन करें, इससे आपका अधिकार सुरक्षित रहता है।
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