कैंसर और न्यूरो मरीजों को बड़ी राहत, जमशेदपुर के MGM में जल्द शुरू होगा इलाज
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/26/article/image/MGM-JAMSHEDPUR-1769422766944_m.webpमहात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अस्पताल। (जागरण)
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। शहर और कोल्हान क्षेत्र के मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जल्द ही कैंसर रोगियों के इलाज की सुविधा शुरू होने जा रही है।
इसके लिए अस्पताल परिसर में जगह का चयन कर लिया गया है। छह मंजिला भवन में कैंसर इनडोर वार्ड खोला जाएगा, जहां शुरुआती चरण में 10 बेड की व्यवस्था होगी। भविष्य में जरूरत को देखते हुए बेड की संख्या बढ़ाकर 20 करने की योजना है।
एमजीएम के उपाधीक्षक डॉ. नकुल प्रसाद चौधरी ने बताया कि कैंसर वार्ड खोलने की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। स्थान चयन के साथ-साथ जरूरी संसाधनों और स्टाफ की व्यवस्था पर भी काम शुरू हो चुका है।
कैंसर मरीजों को अब इलाज के लिए बाहर के बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय और खर्च, दोनों की बचत होगी।
न्यूरो विभाग का इनडोर भी होगा शुरू
अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की कड़ी में न्यूरो विभाग का इनडोर वार्ड भी जल्द शुरू किया जाएगा। अभी तक न्यूरोलाजी विभाग की ओपीडी सेवा उपलब्ध थी, लेकिन इनडोर सुविधा के अभाव में गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ता है।
अब इनडोर शुरू होने से ब्रेन स्ट्रोक, मिर्गी, नसों से जुड़ी बीमारियों और अन्य जटिल न्यूरोलाजिकल समस्याओं से पीड़ित मरीजों को भर्ती कर इलाज मिल सकेगा।
डॉ. नकुल प्रसाद चौधरी ने बताया कि न्यूरो इनडोर की शुरुआत से पहले आपरेशन थिएटर तैयार किया जाएगा। इसके बाद आपरेशन सहित अन्य जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। शुरुआती दौर में यहां भी 10 बेड की व्यवस्था होगी, जिसे आगे बढ़ाया जाएगा।
इलाज की सुविधा बढ़ने से मरीजों को मिलेगी राहत
कैंसर और न्यूरो दोनों विभागों की इनडोर सुविधाएं शुरू होने से एमजीएम अस्पताल की भूमिका और मजबूत होगी। कोल्हान के अलावा सरायकेला-खरसावां, पश्चिम सिंहभूम और आसपास के जिलों के मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए रांची, कोलकाता या दूसरे महानगरों पर निर्भरता कम होगी।
अन्य आधुनिक सुविधाओं पर भी तेजी से काम
उपाधीक्षक ने बताया कि अस्पताल में कैथ लैब समेत अन्य आधुनिक सुविधाओं को विकसित करने की दिशा में भी काम तेज है। प्रस्ताव तैयार कर संबंधित विभाग को भेजा जा चुका है।
इन सुविधाओं के शुरू होने से हृदय रोगियों और अन्य गंभीर मरीजों को अत्याधुनिक जांच और इलाज की सुविधा एमजीएम में ही मिल सकेगी।
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