PM Shri Yojana: भागलपुर के 25 स्कूलों में होगा लैंग्वेज लैब का निर्माण, विदेशी भाषाओं के एक्सपर्ट बनेंगे छात्र
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/26/article/image/Private-Schools--1769425122879_m.webpभागलपुर के स्कूलों में लैंग्वेज लैब बनेगी
जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिले के 25 सहित राज्य के 789 सरकारी पीएम श्री विद्यालयों में लैंग्वेज लैब बनाए जाएंगे। लैंग्वेज लैब के निर्माण से भाषा शिक्षण को प्रभावी और तकनीक आधारित बनाया जा सकेगा। आधुनिक लैंग्वेज लैब की आपूर्ति, स्थापना, कमीशनिंग और संचालन को लेकर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने रिक्वेस्ट फार प्रपोजल जारी किया।
इस योजना का उद्देश्य पीएम श्री विद्यालयों के बच्चों में सुनना, बोलना, पढ़ना और लिखने के कौशल का समग्र विकास करना है। इसके तहत लैंग्वेज लैब में इंटरएक्टिव और इमर्सिव लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक हार्डवेयर और लाइसेंस प्राप्त सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रत्येक लैब में अंग्रेज़ी भाषा लैब सॉफ्टवेयर के साथ 15 वायर्ड हेडफोन, 15 टैबलेट और वाई-फाई नेटवर्किंग डिवाइस लगाए जाएंगे, जिससे छात्र डिजिटल माध्यम से भाषा अभ्यास कर सकें।
आपको बता दें कि इससे 789 पीएम श्री सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले 6 लाख 24 हजार 444 बच्चों को लाभ होगा।
प्रत्येक छात्र को अलग यूज़र आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा
लैंग्वेज लैब सॉफ्टवेयर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसमें हेड ऑफ डिपार्टमेंट, शिक्षक और छात्रों के लिए अलग-अलग लॉगिन की सुविधा होगी। यह सॉफ्टवेयर डेस्कटॉप, पीसी, स्लिम पीसी, थिन क्लाइंट और टैबलेट पर काम करेगा तथा विंडोज, लिनक्स और एंड्रायड आपरेटिंग सिस्टम को सपोर्ट करेगा।
इसके उपयोगकर्ता के लिए अलग-अलग आइडी पासवर्ड जनरेट किए जाएंगे जो बच्चों के आईडी नंबर से जेनरेटेड होगा, जबकि शिक्षक और विभागाध्यक्ष पासवर्ड नियंत्रित सिस्टम के माध्यम से कक्षाओं की निगरानी कर सकेंगे।
एक साथ कई शिक्षक लागिन कर पढ़ा सकेंगे। इससे शिक्षा विभाग छात्रों के परफार्मेंस रिपोर्ट एवं शिक्षक गतिविधि रिपोर्ट भी कभी भी देखी जा सकेगी।
ब्लेंडेड लर्निंग को मिलेगा बढ़ावा
शिक्षा विभाग से जुड़े एक पदाधिकारी ने बताया कि लैंग्वेज लैब के माध्यम से शिक्षक छात्रों के लिए पाठ, अभ्यास कार्य और परीक्षाएं तैयार कर सकेंगे। टेक्स्ट और ऑडियो आधारित गतिविधियों के साथ-साथ छात्र सेल्फ-स्टडी भी कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल ब्लेंडेड टीचिंग मेथडोलाजी को बढ़ावा देगी और छात्रों में आत्मविश्वास के साथ अंग्रेजी संवाद क्षमता विकसित करेगी।
प्रयोगों के जरिये विज्ञान समझने का मिलेगा अवसर
विद्यालयों में विज्ञान शिक्षा को सशक्त करने के लिए साइंस स्टूडेंट किट उपलब्ध कराई जाएगी। यह किट कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए होंगी, जिसमें प्रत्येक कक्षा को 10-10 किट दी जाएगी।
इस साइंस किट के माध्यम से छात्र अम्ल-क्षार अभिक्रिया, विद्युत परिपथ, घनत्व, उत्प्लावन, ध्वनि तरंगें, कार्य एवं ऊर्जा, ऊष्माक्षेपी -ऊष्माशोषी अभिक्रियाएं जैसे प्रयोग कर सकेंगे।
किट पीवीसी, हार्डबोर्ड या लकड़ी जैसे टिकाऊ मटेरियल से बनी होंगी। हर प्रयोग के लिए सीबीएसई सिलेबस आधारित निर्देश पुस्तिका दी जाएगी।
साथ ही शिक्षकों और छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। किट की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु एनएबीएल लैब की रिपोर्ट अनिवार्य होगी।
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