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यूजर्स की जानकारी मोबाइल कंपनियों से साझा करने के मामले में भारत सरकार ने फेसबुक से 20 जून तक मांगा जवाब



फेसबुक ने 60 कंपनियों से डेटा शेयर करने की बात मानी हैइन 60 कंपनियों में 4 चीन की- हुआवे, ओप्पो, लेनोवो और टीसीएल हैं












नई दिल्ली.सूचना एवं प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय ने यूजर्स का डेटा मोबाइल कंपनियों से शेयर करने के मामले में फेसबुक से 20 जून तक जवाब मांगा है। रविवार को आई एक रिपोर्ट में फेसबुक पर एप्पल, सैमसंग, अमेजन समेत 60 कंपनियों से डेटा साझा करने का आरोप लगा है।









फेसबुक ने डेटा साझा करने की बात मानी
- आरोप लगने के दो दिन बाद फेसबुक ने डेटा साझा करने की बात कबूल कर ली थी।
- अब भारत सरकार ने इस संबंध में आईं रिपोर्टों के आधार पर संज्ञान लिया है।



सरकार ने चिंता जताई
- आईटी मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा है कि वो फेसबुक के बारे में आईं रिपोर्टों को लेकर चिंतित है। फेसबुक के मोबाइल कंपनियों से करार थे और इसी के तहत वह अपने यूजर्स की निजी जानकारी उनकी इजाजत के बगैर मोबाइल कंपनियों को दे रही थी।



कैंम्ब्रिज एनालिटिका मामले में माफी मांग चुका फेसबुक
- भारत कैम्ब्रिज एनालिटिका मामले में भी फेसबुक से जवाब मांगा था। आईटी मंत्रालय ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि इस मामले में फेसबुक ने माफी मांग ली थी।
- मंत्रालय ने यह भी बताया कि फेसबुक ने यूजर्स की जानकारी सुरक्षित करने के लिए कड़े कदम उठाने का भरोसा दिया था।



जिन 60 कंपनियों से डेटा साझा किया उनमें 4 चीनी
- फेसबुक ने मंगलवार को माना था कि उसने करार के तहत 60 कंपनियों को यूजर्स के कुछ डेटा तक पहुंच बनाने की इजाजत दी थी। इनमें चीन की चार कंपनियां- हुआवे, ओप्पो, लेनोवो और टीसीएल कॉर्प शामिल हैं।

अमेरिकी खुफिया विभाग कर रहा चीनी कंपनियों की जांच
- हाल ही में अमेरिका के खुफिया विभाग ने चीन की कुछ टेलिकॉम कंपनियों की भूमिका की जांच शुरू की है।
- जांचकर्ताओं का दावा है कि ये कंपनियां विदेशी जासूसी का मौका पैदा करती हैं, जिससे अमेरिका के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खतरा आ सकता है। हालांकि, चीन इन आरोपों को खारिज करता रहा है।



क्या है फेसबुक डेटालीक?

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- कैम्ब्रिज एनालिटिका पर 5 करोड़ फेसबुक यूजर्स का डेटा लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों में इसका गलत इस्तेमाल करने का आरोप है।

- गार्डियन और न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि फेसबुक को इसकी जानकारी थी,लेकिन उसने यूजर्स को अलर्ट नहीं किया। फेसबुक ने एनालिटिका को अपने प्लेटफार्म से सस्पेेंड कर दिया था और ये भरोसा भी दिलाया था कि फर्म ने डेटा डिलीट कर दिया है। लेकिन, ऐसा हुआ नहीं।


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