deltin55 Publish time 2026-2-5 14:27:58

Wipro–Infosys पर दबाव, AI डर से आईटी शेयरों में बेचैनी, जेफ़रीज ने घटाया IT सेक्टर में भरोसा


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बुधवार, 4 फरवरी को आईटी सेक्टर के दिग्गज शेयरऔरनिवेशकों की खास नजर में रहेंगे। इसकी वजह है, वॉल स्ट्रीट पर इन कंपनियों के एडीआर में आई तेज गिरावट, जिसने वैश्विक सॉफ्टवेयर सेक्टर को लेकर बढ़ती चिंता को उजागर कर दिया है। रातोंरात विप्रो और इंफोसिस के अमेरिकी डिपॉजिटरी रिसीट्स में 6 प्रतिशत तक की फिसलन देखने को मिली, जिससे यह संकेत मिला है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते असर से टेक कंपनियों की कमाई और प्राइसिंग पावर पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर आज पर्सिस्टेंट सिस्टम्स,और कोफोर्ज जैसे अन्य आईटी शेयरों पर भी देखने को मिल सकता है।आईटी शेयरों में आई इस तेज बिकवाली की जड़ अमेरिका की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप एंथ्रोपिक (Anthropic) की एक बड़ी घोषणा से जुड़ी है। क्लाउड चैटबॉट बनाने वाली इस कंपनी ने कॉरपोरेट लीगल टीमों के लिए खासतौर पर डिजाइन किया गया एक नया AI टूल लॉन्च किया है। कंपनी का दावा है कि यह टूल कॉन्ट्रैक्ट रिव्यू, नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट की जांच, कंप्लायंस वर्कफ्लो, लीगल ब्रीफ तैयार करने और स्टैंडर्ड जवाबों जैसे कई कानूनी कामों को ऑटोमेट कर सकता है। इस खबर ने निवेशकों के मन में यह डर और गहरा कर दिया है कि AI के बढ़ते इस्तेमाल से पारंपरिक आईटी और सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा और मार्जिन प्रेशर और तेज हो सकता है।बाजार की इस बेचैनी का सीधा असर विप्रो और इंफोसिस के एडीआर पर दिखा। विप्रो का एडीआर 4.8 प्रतिशत गिरकर 2.56 डॉलर पर बंद हुआ, जबकि इंफोसिस का एडीआर 5.6 प्रतिशत टूटकर 17.32 डॉलर पर आ गया। बाजार सहभागियों को आशंका है कि जैसे-जैसे AI टूल्स ज्यादा सक्षम होते जाएंगे, टेक कंपनियों के लिए अपनी कीमतें बनाए रखना और मुनाफे की रफ्तार कायम रखना मुश्किल होता चला जाएगा।वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफ़रीज ने भी आईटी सेक्टर को लेकर सतर्क रुख अपनाया है। 2 फरवरी की अपनी रिपोर्ट में जेफ़रीज़ ने बताया कि उसने अपने इंडिया मॉडल पोर्टफोलियो में आईटी सेक्टर का वजन घटा दिया है। फिलहाल उसके पोर्टफोलियो में आईटी सेक्टर की हिस्सेदारी 5.6 रह गई है, जो MSCI इंडिया में इस सेक्टर के 9.7 के वजन से काफी कम है। यह सतर्कता ऐसे समय में सामने आई है, जब बीते 16 महीनों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भारतीय शेयर बाजार से करीब 34 बिलियन डॉलर की निकासी कर चुके हैं और इस दौरान आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रहा है।एंथ्रोपिक ने निवेशकों की चिंता कम करने की कोशिश करते हुए यह स्पष्ट किया है कि उसका नया प्लगइन किसी तरह की कानूनी सलाह नहीं देता। कंपनी का कहना है कि AI द्वारा तैयार किया गया कोई भी विश्लेषण अंतिम फैसले से पहले लाइसेंस प्राप्त वकीलों द्वारा जांचा जाना चाहिए। इसके साथ ही कंपनी ने कई ओपन-सोर्स प्रोडक्ट्स की भी घोषणा की है, जो सेल्स, कस्टमर सपोर्ट और अन्य प्रोफेशनल टास्क को ऑटोमेट करने में मदद करेंगे।आईटी और AI से जुड़ी इस बेचैनी का असर अमेरिकी शेयर बाजारों पर भी साफ नजर आया। S&P 500 इंडेक्स 0.84 प्रतिशत गिरकर 6,917.81 पर बंद हुआ, जबकि टेक-हैवी Nasdaq में 1.43 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 23,255.19 पर बंद हुआ। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज अपेक्षाकृत मजबूत रहा, लेकिन फिर भी यह 0.34 प्रतिशत फिसलकर 49,240.99 पर बंद हुआ। व्यक्तिगत शेयरों की बात करें तो AI सेक्टर के दिग्गज एनवीडिया और माइक्रोसॉफ्ट करीब 3 प्रतिशत तक टूट गए। अल्फाबेट अपने नतीजों से पहले 1.2 प्रतिशत और अमेजन नतीजों से पहले 1.8 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।(अस्वीकरण: विशेषज्ञों द्वारा दी गई सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं। ये इकोनॉमिक टाइम्स हिन्दी के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।)
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