Chikheang Publish time 2026-2-12 14:57:14

AI का उपयोग करने वाले हो जाएं सावधान! कहीं आप भी तो नहीं क्रिएट कर रहे ऐसे फोटो और वीडियो; हो सकती है जेल

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डीपफेक पर लगाम: 20 फरवरी से लागू होंगे सख्त आईटी नियम, बिना लेबल कंटेंट शेयर करना पड़ेगा भारी।



जागरण संवाददाता, फतेहाबाद। डिजिटल दुनिया में बढ़ते साइबर अपराध और डीपफेक जैसी तकनीकों के दुरुपयोग को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) नियम, 2026 लागू करने का निर्णय लिया है। ये नियम 20 फरवरी से प्रभावी होंगे।

इस संबंध में पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने जिले के नागरिकों को जागरूक करते हुए कहा कि डिजिटल प्लेटफार्म पर बढ़ रही फर्जी और भ्रामक सामग्री से आमजन की प्रतिष्ठा, निजता और सुरक्षा को खतरा है, जिसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। अब जिला पुलिस अगले एक सप्ताह तक लोगों को नियम के बारे में जागरूक करेगी। इसके लिए जगह-जगह कार्यक्रम होंगे।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से किसी व्यक्ति की फोटो, वीडियो या आवाज को बदलकर वास्तविक जैसा दिखाना अब गंभीर अपराध माना जाएगा। ऐसे कृत्य न केवल व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि समाज में भ्रम और अविश्वास का माहौल भी पैदा करते हैं।

नए नियमों के तहत एआई से तैयार या परिवर्तित किसी भी सामग्री पर स्पष्ट लेबल लगाना अनिवार्य होगा, जिससे आम लोग आसानी से पहचान सकें कि सामग्री वास्तविक है या कृत्रिम। ऑडियो सामग्री के मामले में प्रारंभ में स्पष्ट चेतावनी देना भी जरूरी होगा। बिना लेबल वाले या संदिग्ध कंटेंट को साझा करना जोखिमपूर्ण माना जाएगा और इसके लिए कानूनी कार्रवाई भी संभव है।

इंटरनेट मीडिया कंपनियों की जवाबदेही भी बढ़ा दी गई है। अश्लील, आपत्तिजनक या निजता का उल्लंघन करने वाली सामग्री पर अब 24 घंटे के बजाय केवल दो घंटे के भीतर कार्रवाई करनी होगी, जबकि अन्य नियम-विरुद्ध सामग्री को हटाने की समय-सीमा तीन घंटे निर्धारित की गई है।

किसी व्यक्ति की गलत पहचान बनाकर धोखाधड़ी करना, बदनाम करना या समाज में भ्रम फैलाना भारतीय न्याय संहिता, 2023, पॉक्सो अधिनियम और अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर संबंधित इंटरनेट मीडिया अकाउंट को निलंबित या बंद किया जा सकता है और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीपफेक से बचाव के लिए अपनाएं ये सावधानियां

[*]किसी भी संदिग्ध वीडियो, फोटो या ऑडियो को बिना जांचे शेयर न करें।
[*]कंटेंट पर एआई लेबल या चेतावनी जरूर देखें।
[*]अनजान लिंक या संदिग्ध प्रोफाइल से सावधान रहें।
[*]अपनी निजी जानकारी सोशल मीडिया पर सीमित रखें।
[*]गलत या फर्जी कंटेंट मिलने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें।
[*]किसी की छवि या आवाज से छेड़छाड़ कर कंटेंट बनाना कानूनी अपराध है।


नया नियम 20 फरवरी से लागू हो रहा है। पुलिस अब अपने साइबर जागरूकता अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित करेगी। जिसके तहत लोगों को जागरूक किया जाएगा। -सिद्धांत जैन, एसपी फतेहाबाद।
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