झारखंड में ही कैंसर मरीजों का होगा इलाज, CM हेमंत सोरेन बोले- सरकार उठाएगी ठोस कदम
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/12/article/image/HEMANT-SOREN-NEWS-(30)-1770908743049_m.webpमुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से वरिष्ठ वैज्ञानिक जीवीके सुब्रमण्यम ने की शिष्टाचार भेंट। (जागरण)
राज्य ब्यूरो, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य के कैंसर मरीजों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े, इसके लिए झारखंड में ही अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार इस दिशा में सभी आवश्यक और ठोस कदम उठाने को पूरी तरह तैयार है।
गुरुवार को मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से वरिष्ठ वैज्ञानिक जीवीके सुब्रमण्यम ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने अपने द्वारा स्वदेशी तकनीक से विकसित अत्याधुनिक कैंसर उपचार मशीन की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
सुब्रमण्यम ने बताया कि यह मशीन पूरी तरह देश में विकसित तकनीक पर आधारित है और वर्तमान में देश-विदेश के कई बड़े अस्पतालों में कैंसर उपचार में सफलतापूर्वक उपयोग की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिक सुब्रमण्यम की सराहना करते हुए कहा कि यह मशीन कैंसर रोगियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इससे कैंसर जैसी गंभीर और असाध्य बीमारी का प्रभावी एवं सफल इलाज संभव हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में जांच और इलाज की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि कैंसर मरीजों की संख्या में वृद्धि गंभीर विषय है। ऐसे में राज्य के लोगों को अपने ही प्रदेश में उच्चस्तरीय इलाज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कैंसर पीड़ित मरीजों को झारखंड में ही अत्याधुनिक उपचार सुविधा देने के लिए सरकार हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है। इस अवसर पर विधायक राजेश कच्छप भी उपस्थित थे।
डॉ. कलाम के सहयोगी रहे चुके हैं जीवीके सुब्रमण्यम
गौरतलब है कि वरिष्ठ वैज्ञानिक जीवीके सुब्रमण्यम पनाशिया लिमिटेड, बेंगलुरु के प्रबंध निदेशक हैं। वे भारत के पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डा. एपीजे अब्दुल कलाम के सहयोगी रह चुके हैं और उनके साथ कई महत्वपूर्ण अनुसंधान एवं शोध कार्य कर चुके हैं।
सुब्रमण्यम द्वारा विकसित कैंसर उपचार मशीन आज देश ही नहीं, बल्कि विदेशों के भी कई प्रतिष्ठित अस्पतालों में उपयोग की जा रही है।
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