deltin33 Publish time 2026-2-12 23:26:25

51 दलों के 2,034 उम्मीदवार...बांग्लादेश में 13वें आम चुनाव के लिए मतदान संपन्न, नतीजों पर टिकी निगाहें

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13वें संसदीय चुनाव और जनमत संग्रह के लिए मतदान संपन्न हुआ



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश में कई जगहों पर हिंसा के बीच 13वें संसदीय चुनाव और एक महत्वपूर्ण संवैधानिक जनमत संग्रह के लिए गुरुवार को मतदान संपन्न हो गया। अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था की बहाली के लिए यह पहला बड़ा चुनाव है।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, 299 निर्वाचन क्षेत्रों में फैले 42,779 केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया सुबह साढ़े सात बजे से शाम साढ़े चार बजे तक चली। एक उम्मीदवार की मृत्यु के कारण एक सीट पर चुनाव स्थगित कर दिया गया है। कुल 51 राजनीतिक दलों के 2,034 उम्मीदवार इस चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
चुनाव और जनमत संग्रह संपन्न

मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद वोटों की गिनती शुरू कर दी गई है और शुक्रवार तक प्रारंभिक रुझान आने की उम्मीद है। मतदान का प्रतिशत और मतदाताओं की भागीदारी निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद के अनुसार, दोपहर दो बजे तक मतदान का प्रतिशत 47.91 प्रतिशत दर्ज किया गया।

इस ऐतिहासिक चुनाव में लगभग 12.7 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं ने हिस्सा लिया। उल्लेखनीय है कि इस बार चुनाव के साथ-साथ एक 84-सूत्रीय सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह भी कराया गया है, जो देश के भविष्य की संवैधानिक दिशा तय करेगा।

शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के चुनाव से बाहर रहने के कारण मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच देखा जा रहा है। देश के कई हिस्सों से हिंसा की घटनाओं की खबर चुनाव के दौरान देश के कई हिस्सों से हिंसा की खबरें भी सामने आईं।
कईं मतदान केन्द्रों पर हिंसा

गोपालगंज में एक मतदान केंद्र पर बम हमले में 13 वर्षीय लड़की सहित तीन लोग घायल हो गए। वहीं, खुलना में जमात-ए-इस्लामी और बीएनपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प में बीएनपी के एक स्थानीय नेता की मौत हो गई। मुंशीगंज में भी बम धमाकों के कारण कुछ समय के लिए मतदान बाधित हुआ।

30 वर्षों में पहली बार मतपत्र पर अवामी लीग का \“नाव\“ चिह्न नहीं बांग्लादेश में 30 वर्षों में पहली बार अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग का चुनाव चिन्ह \“नाव\“ मतपत्र पर नहीं है। अगस्त 2024 में व्यापक राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद हसीना को सत्ता से हटाए जाने के बाद यह पहला चुनाव है।

अंतरिम सरकार ने पिछले वर्ष 12 मई को अवामी लीग की सभी पार्टी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया था और इसके तुरंत बाद, चुनाव आयोग ने पार्टी का पंजीकरण निलंबित कर दिया था। देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टियों में से एक, अवामी लीग ने अतीत में दो बार संसदीय चुनावों का बहिष्कार किया है। हालांकि, इस बार यह बिल्कुल भी भाग लेने में असमर्थ है, क्योंकि इसका पंजीकरण अभी भी निलंबित है।
अपना-अपना राग...

यह चुनाव राष्ट्रीय गौरव और नवजीवन का क्षण है। आज नए बांग्लादेश का जन्मदिन है। जनता ने अतीत को नकार दिया है। अतीत चाहे जितना भी भयावह रहा हो, हमने उसे पूरी तरह से पीछे छोड़ दिया है। आज से हमें एक नए बांग्लादेश के निर्माण का अवसर मिला है।\“

मुहम्मद यूनुस, अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार “बांग्लादेश के लोग एक दशक से अधिक समय से इस दिन का इंतजार कर रहे थे। अगर हम सरकार बनाते हैं, तो हम देश में कानून व्यवस्था में सुधार को प्राथमिकता देंगे ताकि लोग सुरक्षित महसूस करें। आज से देश में लोकतंत्र की शुरुआत हो सकती है।\“

तारिक रहमान, बीएनपी अध्यक्ष “हम निष्पक्ष प्रक्रिया से आने वाले परिणाम चाहते हैं। यदि मतदान स्वतंत्र और निष्पक्ष है, तो हम परिणाम स्वीकार करेंगे। दूसरों को भी इसे स्वीकार करना होगा। यही लोकतंत्र की सुंदरता है। हम यही चाहते हैं।\“
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