गोरखपुर के महेसरा में 49 करोड़ का स्पंज पार्क निर्माण शुरू, छह माह में होगा तैयार
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/13/article/image/spnajpark-1770958840809_m.webpइकोलाजिकल स्पंज पार्क। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। शहर को स्वच्छ, हरित और बाढ़ मुक्त बनाने की दिशा में पहल के तहत महेसरा क्षेत्र में प्रदेश के पहले ‘इकोलाजिकल स्पंज पार्क’ का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के अंतर्गत करीब 49 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाला यह पार्क न सिर्फ भूगर्भ जल स्तर में सुधार करेगा, बल्कि वायु प्रदूषण जैसी समस्याओं से निपटने का आधुनिक और स्थायी समाधान साबित होगा। छह महीने में इस पार्क का निर्माण पूरा हो जाएगा। इसके बन जाने के बाद शहर के लोगों को पर्यटन का नया ठिकाना मिलेगा।
एनसीएपी के तहत करीब 49 करोड़ की लागत से बनने वाले इकोलाजिकल (स्पंज) पार्क का निर्माण किया जा रहा है। यहां एक बांध बनाया जाएगा। गुरुवार को नगर निगम की राजस्व टीम ने जिला प्रशासन की टीम के साथ भूमि का सीमांकन किया। निगम की ओर से तैयार की इस योजना के तहत इस पार्क की सबसे बड़ी विशेषता इसकी जल अवशोषण क्षमता होगी। छह महीने में यह पार्क बनकर तैयार हो जाएगा। इस पार्क के निर्माण में कंक्रीट का बहुत ही कम इस्तेमाल होगा।
करीब 25 एकड़ भूमि पर इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन और सीएंडडीएस (सीएंडडीएस) प्लांट के समीप विकसित हो रहा यह पार्क अपनी जल अवशोषण क्षमता के लिए खास होगा। वर्षा के दौरान यह पार्क लाखों लीटर पानी को जमीन में समाहित करेगा। इससे शहर में जलभराव की समस्या कम होगी और भूजल स्तर में सुधार आएगा।
विशेष रूप से तैयार की गई जल निकासी संरचना, रेन गार्डन और प्राकृतिक जल संचयन प्रणाली इसे ‘स्पंज’ की तरह कार्य करने में सक्षम बनाएगी। यह मॉडल भविष्य में अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। पार्क में मियावाकी तकनीक से सघन वन विकसित किया जाएगा, जो कार्बन सिंक के रूप में कार्य करेगा।
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इससे वायु गुणवत्ता में सुधार होगा और प्रदूषण के स्तर को कम करने में मदद मिलेगी। घनी हरियाली ‘अर्बन हीट आइलैंड’ प्रभाव को घटाकर आसपास के तापमान को संतुलित रखने में सहायक होगी।
मनोरंजन, जैव विविधता और पर्यटन को बढ़ावा
स्पंज पार्क को केवल पर्यावरणीय परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि एक आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में भी विकसित किया जाएगा। इसमें प्राकृतिक तालाब, बोटिंग सुविधा, किड्स जोन, भूलभुलैया, जागिंग ट्रैक और ओपन जिम जैसी व्यवस्थाएं होंगी। विभिन्न प्रजातियों के पौधों और पेड़ों के रोपण से स्थानीय जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा।
नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम के द्वारा सीमांकन का काम पूरा हो गया है। इसके साथ ही स्पंज पार्क का निर्माण औपचारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। यह परियोजना गोरखपुर को हरित शहरी विकास के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी और भविष्य के लिए एक स्थायी व पर्यावरण-अनुकूल माडल साबित होगी।
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-अमित कुमार शर्मा, मुख्य अभियंता, नगर निगम
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