यूपी में एसओ समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित, बिना अनुमति की दबिश के दौरान हार्टअटैक से हुई थी युवक की मौत
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/13/article/image/suspended-1770972087777_m.webpजागरण संवाददाता, बदायूं। : मुकदमा दर्ज किए बिना और बिना अधिकारियों की अनुमति के ही संभल जिले के कैलदेवी थाना क्षेत्र के गांव नारंगपुर में दबिश देने के मामले में फैजगंज बेहटा थानाध्यक्ष समेत चार पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। दबिश के दौरान एक युवक की मृत्यु हो गई थी। एसएसपी ने चारों पुलिस कर्मियों को निलंबित करते हुए सहसवान सीओ को जांच सौंपी है।
यह है पूरा मामला
मामला चार फरवरी का है। जब फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस को शिकायती पत्र देते हुए अपनी बेटी के गायब होने और उसे एक युवक द्वारा बहला फुसला कर ले जाने का आरोप लगाया था। इस मामले में थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने बिना मुकदमा दर्ज नहीं किया।
थानाध्यक्ष ने बिना मुकदमा दर्ज किए और बिना उच्चाधिकारियों से अनुमति लिए दारोगा मामराज सिंह, दारोगा लियाकत अली और मुख्य आरक्षी संजय कुमार को आरोपित की तलाश में संभल भेज दिया था।
लोकेशन के आधार पर यह पुलिस कर्मी संभल के कैलादेवी थाना क्षेत्र के गांव नारंगपुर पहुंचे थे, जहां हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव हैबतपुर निवासी हरचरन की ससुराल थी। वह अपनी ससुराल में था।
इसी दौरान पुलिस कर्मियों ने दबिश दी तो हरचरन भागने लगा। पुलिस के पीछा करने पर वह अचानक गिर पड़ा और उसकी मृत्यु हो गई। बताया गया कि उसे हार्टअटैक पड़ गया।
इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से हुई जिस पर जांच शुरू कराई गई। जांच में पाया गया कि इस मामले का न कोई मुकदमा दर्ज था और न ही किसी पुलिस कर्मी की रवानगी थी।
इस पर गुरुवार देर रात एसएसपी डा. बृजेश कुमार सिंह ने थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह व दबिश देने गए दारोगा मामराज सिंह, दारोगा लियाकत अली और मुख्य आरक्षी संजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और जांच सहसवान सीओ को सौंप दी।
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