जालंधर में गजब का खेल! मृतक के फर्जी आधार से करवाई प्लॉट की रजिस्ट्री; पूर्व पार्षद समेत चार पर केस
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/13/article/image/Jalandhar-News_-(1)-1770972371109_m.webpमृतक के फर्जी आधार से करवाई प्लॉट की रजिस्ट्री, पूर्व पार्षद समेत चार पर केस।
जागरण संवाददाता, जालंधर। रामामंडी नजदीकी नंगलशामा में मृत व्यक्ति जमना दास को कागजों में जिंदा दिखाकर उसकी 17 मरले की जमीन की रजिस्ट्री करवाने के आरोप में थाना बारादरी की पुलिस ने कांग्रेस के पूर्व पार्षद मंदीप कुमार जस्सल सहित चार आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में पर्चा दर्ज किया है।
आरोपितों में बसंत विहार निवासी फर्जी जमना दास, गांव समराय के हरजिंदर कुमार और भोगपुर के गुरिंदर सिंह का नाम शामिल है। उक्त आरोपितों ने मृतक जमना दास का फर्जी आधार कार्ड बनाकर और किसी अन्य व्यक्ति को पेश करके प्रॉपर्टी को पंजीकृत कराकर धोखाधड़ी की। जमना दास की मई 2023 में मौत के बाद सितंबर 2024 में तहसील-वन कार्यालय में उनको जिंदा दिखाकर जमीन की रजिस्ट्री करवाई गई थी।
मृतक जमना दास के रिश्तेदार विजय भाटिया की शिकायत पर डीसी डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने जांच का आदेश दिया था। तब सीएम फील्ड अफसर नवदीप सिंह व डिस्ट्रिक्ट रेवेन्यू अफसर नवदीप सिंह भोगल की जांच रिपोर्ट में रजिस्ट्री के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
इसके बाद डीसी के आदेश पर डीआरओ नवदीप सिंह भोगल ने 16 जनवरी को पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर को जांच रिपोर्ट भेजकर पर्चा दर्ज करने की सिफारिश की थी। इसके 25 दिनों के लंबे इंतजार के बाद थाना बारादरी पुलिस ने पर्चा दर्ज किया है। इस फर्जी रजिस्ट्री को रद करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसी दौरान जिस नंबरदार ने गलत गवाही डाली थी, उस नंबरदार गुरदेव सिंह को भी सस्पेंड कर दिया गया है। उसे अब बर्खास्त करने की प्रक्रिया चल रही है।
धोखा मेरे साथ हुआ है: जस्सल
आरोपितों में मंदीप कुमार जस्सल का नाम शामिल है, जो रामामंडी इलाके के वार्ड 10 से कांग्रेस का पार्षद रह चुका है। उसने वार्ड नंबर आठ से भी बीते चुनाव में पार्षद का चुनाव लड़ा था, जिसमें उसे हार मिली थी। पर्चा दर्ज होने को लेकर जस्सल का कहना है कि धोखा तो उनके साथ हुआ है।
22.10 लाख रुपये देकर प्लॉट खरीदा था। सारा भुगतान खाते में हुआ है, जिसका कागजी प्रमाण उनके पास है। इसको लेकर पहले ही मई, 2025 में सीपी के पास शिकायत दे रखी है कि उनके साथ धोखा हुआ है। पहले उस शिकायत की जांच की जाए। अब जो पर्चा दर्ज हुआ है, उसको लेकर भी सीपी के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखेंगे।
मृतक जमना दास की पिंड बोलीना के 30 मरले प्लॉट की भी हो चुकी फर्जी रजिस्ट्री
जालंधर के तहसील में सालों से फर्जीवाड़ा करने वाला रैकेट सक्रिय है। दरअसल, गांव भोजेवाल निवासी मृतक जमना दास की एक और प्लॉट की फर्जी रजिस्ट्री हो गई थी। उनकी नंगलशामा के 17 मरले प्लॉट की फर्जी रजिस्ट्री सितंबर, 2024 में करवाई गई। अगर समय रहते उस फर्जीवाड़े पर प्रशासन ने कार्रवाई की होती तो जमना दास के पिंड बोलीना स्थित 30 मरले जमीन की फर्जी रजिस्ट्री जनवरी 2025 में नहीं हो पाती।
कारण, इस फर्जीवाड़े में शामिल डीड राइटर से लेकर गवाह व सत्यापित करने वाला एडवोकेट भी वही था। दोनों फर्जी रजिस्ट्री में नंदनपुर रोड निवासी एक व्यक्ति ने ही जमना दास के नाम पर बनाए जाली आधार कार्ड व पैन कार्ड का इस्तेमाल किया था। नंगलशामा वाले प्लॉट के शिकायतकर्ता विजय भाटिया ने बताया कि पहले वाले फर्जीवाड़े की भी डीसी डॉ. हिमांशु अग्रवाल के पास शिकायत की थी।
ॉतब जमना दास बनकर फर्जी व्यक्ति ने अजीत नगर के रहने वाले रामामंडी के कारोबारी रहमान को 30 मरले का प्लॉट बेच दिया था। रजिस्ट्री में 22 लाख की देनदारी का ब्यौरा है। रहमान द्वारा प्लॉट पर चारदीवारी करवाने के दौरान पता न लगा कि उसके साथ ठगी हुई है। तब रहमान ने रामामंडी थाने में उसके साथ ठगी किए जाने की शिकायत दी थी।
Pages:
[1]