मास्क पहनकर आए तीन संदिग्धों ने रुमाल से बाधे बच्ची के हाथ-पैर, बच्चों के शोर मचाने पर स्कूल की बाउंड्री फांदकर भागे
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/13/article/image/Bacchi-ke-apharn-ki-koshish-1770990390486_m.webpसंवाद सूत्र,गोबरहीं। मास्क पहने तीन संदिग्धों ने रूमाल से नर्सरी कक्षा की बच्ची का हाथ पैर बांध दिया। आसपास मौजूद बच्चों के शोर मचाने पर चहारदीवारी फांद तीनों भाग निकले। शोर सुनकर गांव के लोग इकट्ठा हो गए। शुक्रवार सुबह उच्च प्रावि नटवलिया में सामने आई इस घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई।
बच्ची के पिता किसान हैं और उन्होंने किसी से रंजिश होने से इन्कार किया है। पुलिस छानबीन कर रही है। वह घटना को स्कूल में लगे महंगे स्मार्ट टीवी प्रोजेक्टर की चोरी के प्रयास से जोड़ कर देख रही है। वहीं गांव के लोग अपहरण की आशंका जता रहे हैं।
कसया के उच्च प्रावि नटवलिया परिसर में ही आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होता है। इसमें पढ़ने वाले करीब सात बच्चे सुबह 9.30 बजे स्कूल पहुंच गए। स्वजन के अनुसार बच्चों के पहुंचने के कुछ ही समय बाद मास्क लगाए तीन संदिग्ध आए। सबसे आगे खड़ी चार वर्षीय अर्पिता को पकड़ रूमाल से हाथ, पैर बांध दिए। यह देख अन्य बच्चे घबराकर शोर मचाने लगे।
शोर सुनकर पहुंचे लोग
शोर सुनकर स्कूल के आसपास मौजूद लोग पहुंचे। इससे पहले तीनों चहारदीवारह फांद खेत के रास्ते फरार हो गए। लोगों ने अर्पिता के हाथ पैर में बंधे रूमाल को खोला। यह खबर गांव में फैली तो अफरा-तफरी मच गई। 10 बजे आंगनबाड़ी की सहायिका हेमंती देवी एवं सहायक अध्यापिका प्रिया सिंह पहुंचीं। उन्होंने घटना के समय मौजूद सुमित, परिधि, दीपिका, अंशिका आदि बच्चों से घटना की जानकारी प्राप्त कर पुलिस को सूचना दी।
एसएसआई जीत बहादुर यादव ने टीम संग पहुंच स्कूल परिसर व आसपास की गहनता से छानबीन की। बच्चों, आंगनबाड़ी सहायिका व शिक्षिका से बात कर जानकारी ली। प्रिया के पिता धनेश गोंड ने किसी से दुश्मनी व किसी प्रकार के वाद-विवाद से इन्कार किया। विद्यालय में हाल ही में बच्चों के पढ़ने के लिए चार लाख रुपये कीमत की बड़ी स्मार्ट टीवी एवं प्रोजेक्टर लगा है।
पुलिस घटना को चोरी के प्रयास से जोड़ कर देख रही है। मामले की जानकारी होने पर ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि सुधीर राव ने भी स्कूल में पहुंच कर सीसी कैमरा लगवाने के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता की। सीओ कुंदन कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस टीम गई थी।
विद्यालय में मास्क पहने तीन संदिग्धों के घुसने और एक बच्चे को बांधने, डराने का मामला सामने आया है। शिक्षिका ने बताया कि हाल ही में महंगा टीवी प्रोजेक्टर लगा है। संभव है कि संदिग्ध चोरी की नियत से आए हों। सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। शीघ्र ही मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।
शिक्षा मित्र से चाभी मांग कर समय पूर्व खुला था स्कूल
परिषदीय विद्यालयों के खुलने का समय सुबह 10 बजे निर्धारित है, लेकिन आधा घंटा पूर्व ही यानी कि 9.30 बजे विद्यालय खुल गया था। बताया जा रहा कि विद्यालय की चाबी शिक्षामित्र अनिल प्रताप राव के पास रहती है।
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स्कूल में पढ़ने वाले एक लड़के को चाबी देकर उन्होंने ही विद्यालय खोलवाया था। गांव के कुछ लोग घटना में विद्यालय के जिम्मेदारों की जवाबदेही पर भी सवाल खड़ा कर रहे हैं।
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