अस्पताल में ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत, लखनऊ ले जाते समय महिला की मौत
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/13/article/image/03_07_2025-death_23974619-1770991876849_m.webpअस्पताल में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत।
संवाद सूत्र, शुजागंज (अयोध्या)। पटरंगा के मथुरा का पुरवा गांव की 45 वर्षीय संगीता बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए अस्पताल गई थीं, लेकिन वह जीवित घर नहीं लौट सकीं। मवई ब्लॉक रोड स्थित दुलालपुर मोड़ पर संचालित आरएस हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में हुए ऑपरेशन के बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। परिजन उन्हें एंबुलेंस से लखनऊ ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही हालत गंभीर हो गई और उनकी सांसों की डोर टूट गयी।
परिजनों के अनुसार 11 फरवरी को संगीता का हिस्टेरेक्टामी (बच्चेदानी निकालने) का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के तुरंत बाद ही बेचैनी, सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द की शिकायत शुरू हो गई।
हालत बिगड़ती देख अस्पताल प्रशासन ने उन्हें आनन-फानन में लखनऊ रेफर कर दिया। परिवार के लोग उम्मीद के सहारे लखनऊ पहुंचे, लेकिन वहां इलाज शुरू होने से पहले ही उनकी जीवनलीला समाप्त हो गई।
मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में सन्नाटा पसर गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। संगीता मिलनसार और शांत स्वभाव की महिला थीं। उनके असमय निधन से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की सूचना पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मवई के अधीक्षक डॉ. मदन बरनवाल मौके पर पहुंचे और प्रारंभिक जानकारी जुटाई। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हार्ट अटैक अथवा ऑपरेशन के बाद उत्पन्न जटिलताओं से जुड़ा प्रतीत होता है।
पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अस्पताल से विस्तृत रिपोर्ट मांगी जाएगी।
इधर अस्पताल सूत्रों का कहना है कि ऑपरेशन सामान्य रूप से हुआ था, लेकिन बाद में अचानक तबियत बिगड़ गई।
बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहा था अस्पताल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी देवेंद्र कुमार भिटौरिया ने बताया कि उनके यहां संबंधित अस्पताल का पंजीकरण नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले को संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है और अंतिम संस्कार कर दिया गया है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली, आपातकालीन सुविधाओं और ऑपरेशन के बाद निगरानी व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न लगा दिया है।
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