शक्ल नहीं मिलने पर एक साल के बेटे की कर दी हत्या, बड़ा बेटा बोला- छोटा भाई रोता रहा फिर भी पापा ने उसका गला दबा दिया
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/13/article/image/bareilly-news-(6)-1770995620436_m.webpपुलिस की गिरफ्त में आरोपित सोमपाल।
जागरण संवाददाता, बरेली। सोमपाल के दिमाग में पनपा शक इतनी खौफनाक स्थिति में पहुंचा कि एक वर्षीय बेटे वरुण की जान ले ली। शुक्रवार को पांच वर्षीय बड़े बेटे अरुण ने भी उसका दुस्साहस बयां किया, \“मेरे सामने पापा ने छोटे भाई को पीटा, फिर गला दबा दिया\“। हवालात में बंद सोमपाल से सवाल हुआ कि उसने ऐसा क्यों हुआ? इसपर कहने लगा कि बेटे की शक्ल मुझसे नहीं मिलती थी, इसलिए मार दिया।
उसकी शक-सनक पर चिकित्सक नीरा अग्रवाल ने कहा कि जरूरी नहीं कि संतान की शक्ल पिता-माता से मिले। यह जींस पर निर्भर करता है। कई बार संतान की शक्ल दादा-दादी या ननिहाल पक्ष के लोगों से भी मेल खाती है। वैसे भी, एक वर्षीय बालक की शक्ल का मिलान नहीं हो सकता, छोटे बच्चे के नैन-नक्श बार-बार बदलते हैं। बरेली जिले के अठान गांव निवासी सोमपाल राजस्थान में मजदूरी करता है। उसके घर में नहीं होने के कारण पत्नी रामबेटी अक्सर पीलीभीत स्थित मायके चली जातीं हैं।
पुलिस के अनुसार, वह रामबेटी के चरित्र पर शक करता था। जब भी मजदूरी से लौटकर घर आता तो शराब पीकर उन्हें पीटता। वह कहता था कि छोटा बेटा वरुण उसकी संतान नहीं है। रामबेटी ने कई बार समझाने का प्रयास किया, मगर वह हर बार उग्र हो जाता था। पांच दिन पहले भी सोमपाल राजस्थान से गांव लौटा।
इसके बाद बुधवार को सुसराल जाकर जबरन दोनों बेटों को अपने साथ ले आया। उसी शाम 5.30 बजे उसने घर में ही छोटे बेटे वरुण की गला दबाकर हत्या की, फिर शव तालाब किनारे दबा आया। इसकी भनक लगने पर गांव के कुछ लोगों ने रामबेटी को फोन किया तो वह गांव लौटीं। उन्होंने थाने में सूचना दी, जिसके बाद सोमपाल को गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर गुरुवार को तालाब से शव भी बरामद कर लिया गया। शुक्रवार को उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा गया। जेल जाने से पहले भी उसके चेहरे पर पश्चाताप नहीं था। वह आरोप लगाता रहा कि पत्नी के किसी अन्य युवक से संबंध हैं। वरुण भी उसी की संतान था, इसलिए मार दिया।
थानाप्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि जांच में ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया, जिससे रामबेटी के चरित्र पर सवाल उठ सके। सोमपाल के दिमाग में शक बैठा था, जिस कारण रामबेटी पर झूठा आरोप लगाया। उसने अपने मासूम बेटे को तक मार डाला।
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