बिहार में उच्च शिक्षा का विस्तार, 1 जुलाई से 213 नए डिग्री कॉलेजों में शुरू होगी पढ़ाई
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/14/article/image/Higher-Education-1771008239903_m.webpएक जुलाई से 213 नये डिग्री महाविद्यालयों में शुरू होगी पढ़ाई
दीनानाथ साहनी, पटना। एक जुलाई से 213 नये डिग्री महाविद्यालयों में पढ़ाई शुरू होगी। पहले सत्र में कला संकाय के पांच-छह कामन विषयों में पढ़ाई होगी। मुख्य कामन विषयों में इतिहास, राजनीति विज्ञान, भूगोल, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, और अंग्रेजी/हिंदी साहित्य शामिल हैं। इन विषयों के विभागों को भी स्थापित किया जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि कला संकाय में आमतौर पर अनिवार्य और वैकल्पिक विषयों का मिश्रण होता है, जो कक्षा 11-12 और स्नातक स्तर पर समान रूप से लोकप्रिय हैं। इसलिए संबंधित विषयों की पढ़ाई शुरू कराने पर सहमति हुई है।
इनके अलावा, दर्शनशास्त्र, शिक्षा शास्त्र, ललित कला और गृह विज्ञान भी कामन विषय माने जाते हैं। इन विषयों की भी पढ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाएगी। जहां पर विज्ञान व वाणिज्य विषयों के बच्चों को पढ़ाई की आवश्यकता होगी उनसे संबंधित प्रखंडों में नये डिग्री महाविद्यालय में विज्ञान और वाणिज्य संकाय में कई विभागों को खोलने की भी तैयारी है।
उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सात निश्चय-तीन के तहत डिग्री महाविद्यालय वहहीन प्रखंडों में नये डिग्री कालेजों की स्थापना एवं आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-30, जो आगामी एक जुलाई से शुरू होने वाला है, से अध्ययन-अध्यापन प्रारंभ करने की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
इस क्रम में विभाग द्वारा विश्वविद्यालयों से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर विश्वविद्यालयों की अंगीभूत इकाई के रूप में संचालित अथवा संबद्धता प्राप्त महाविद्यालयों (कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के अंगीभूत एवं संबद्धता प्राप्त महाविद्यालयों को छोड़ कर 213 वैसे प्रखंड, जिनमें कोई महाविद्यालय संचालित नहीं हैं, की सूची उपलब्ध करायी गयी है।
हफ्ते भर में प्लस-टू स्कूलों के नये भवनों का चयन कार्य होगा पूरा
सचिव राजीव रौशन ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि भवनों की उपलब्धता के आधार पर हर जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी देखेंगे कि हर प्रखंड में डिग्री कालेज के लिए कौन-सा भवन उपयुक्त होगा। डिग्री कालेज विहीन प्रखंडों में नये डिग्री महाविद्यालयों को खोलने हेतु प्लस-टू स्कूलों के उन नये भवनों का चयन कार्य हफ्ते भवन में पूरा करना अनिवार्य है।
बता दें कि राज्य में डिग्री कालेज विहीन प्रखंडों में नये कालेजों के लिए प्लस-टू स्कूलों के भवनों का चयन संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा करायी जा रही है। इसमें यह भी जांच की जा रही है कि डिग्री कालेज विहीन कोई प्रखंड कहीं छूट तो नहीं रहा। यह भी देखा जा रहा है कि 213 प्रखंडों में कहीं कोई डिग्री कालेज वाले प्रखंड शामिल तो नहीं हो गए हैं।
बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड द्वारा संबंधित प्रखंडों के भवनों की उपलब्ध करायी गयी सूची भी जिलाें को भेजी जा चुकी है। जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश है कि प्रत्येक प्रखंड में उपयुक्त भवन को चिन्हित करते हुए प्रतिवेदन भी उपलब्ध कराएं।
भवन अनुपलब्धता की समीक्षा कर ली जाए। यदि किसी प्रखंड में महाविद्यालय है, परंतु वह प्रखंड भी सूची में शामिल हैं अथवा वैसे प्रखंड जो सूची में नहीं हैं, लेकिन वहां डिग्री महाविद्यालय संचालित नहीं हैं, की सम्यक जांच कर 213 प्रखंडों की सूची की संपुष्टि कर ली जाए।
सभी विश्वविद्यालयों को भी भेजा गया आवश्यक दिशा-निर्देश
शिक्षा विभाग ने राज्य में डिग्री महाविद्यालय विहीन 213 प्रखंडों में खोले जा रहे नये डिग्री कालेजों को लेकर सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और कुलसचिवों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है, ताकि नये डिग्री महाविद्यालयों में एक जुलाई से पढ़ाई की शुरुआत करने में किसी प्रकार का अवरोध नहीं हो।
साथ ही नये डिग्री महाविद्यालयों को मान्यता देने में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा निर्धारित मानदंडों का अनुपालन भी सुनिश्चित करने को कहा गया है। छात्र-छात्राओं को पढ़ाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने हेतु प्राध्यापकों की नियुक्ति/प्रतिनियुक्ति करने से लेकर गेस्ट फैकेल्टी (अतिथि शिक्षक) तक की तैनाती होगी।
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