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नेपाल से सीधे जुड़ेगा श्रावणी मेला, अगुवानी-सुल्तानगंज पुल के रास्ते बनेगा बैद्यनाथ पशुपतिनाथ कॉरिडोर

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नेपाल से सीधे जुड़ेगा श्रावणी मेला, अगुवानी-सुल्तानगंज पुल के रास्ते बनेगा बैद्यनाथ पशुपतिनाथ कॉरिडोर



जागरण संवाददाता, भागलपुर। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात सामने आई है। सुल्तानगंज-अगुवानी घाट के रास्ते बनने वाला फोरलेन पुल अब केवल आवागमन का जरिया नहीं रहेगा, बल्कि प्रस्तावित हाई स्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का प्रमुख हिस्सा बनेगा।

बिहार सरकार ने सुपौल के भीमनगर से बांका के चानन तक लगभग 225 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का प्रस्ताव तैयार किया है, जो सुल्तानगंज, अगुवानी घाट, पसराहा, सहरसा, मधेपुरा और सुपौल होते हुए नेपाल के काठमांडू तक जाएगा।

इससे श्रावणी मेला के दौरान लाखों कांवड़िये सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ मंदिर से गंगाजल लेकर देवघर के बैद्यनाथ धाम तक पदयात्रा करते हैं।

प्रस्तावित कॉरिडोर बनने से श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुगम, सुरक्षित और तेज हो सकेगी। यह मार्ग आगे नेपाल के काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर से भी जुड़ाव को मजबूत करेगा।

साथ ही मधेपुरा का सिंहेश्वर स्थान मंदिर भी इस धार्मिक गलियारे से सीधे लाभान्वित होगा। बेहतर सड़क संपर्क से श्रावणी मेला के दौरान भीड़ प्रबंधन आसान होगा और दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी।

इसके अतिरिक्त विदेशी पर्यटक भी इस धार्मिक और सांस्कृतिक यात्रा का हिस्सा बन सकेंगे। बांका क्षेत्र के ओढ़नी डेम, चानन डेम और हनुमाना डेम जैसे पर्यटन स्थलों पर भी रौनक बढ़ेगी। कुल मिलाकर यह परियोजना श्रावणी मेला की भव्यता को नई ऊंचाई देगी और धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ व्यापार, रोजगार व क्षेत्रीय विकास को मजबूत आधार प्रदान करेगी।
श्रावणी मेला कॉरिडोर के लिए डीपीआर जल्द, अनुमानित 8000 करोड़ खर्च होंगे

श्रावणी मेला के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित कॉरिडोर का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) सूत्रों के मुताबिक संभवत अगस्त माह से तैयार किया जाएगा। 225 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा वर्तमान सड़कों का उपयोग करते हुए विकसित किया जाएगा, जबकि 70 प्रतिशत भाग के लिए नई जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।

परियोजना पर करीब 8000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। कोसी, सीमांचल और नेपाल क्षेत्र से श्रावणी मेला के दौरान तीन से पांच लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं। आम दिनों में भी श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहता है। यह सड़क औद्योगिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होगी, जिससे इन क्षेत्रों का सीधा संपर्क झारखंड से स्थापित होगा।
कॉरिडोर से जुड़ने वाला अगुवानी–सुल्तानगंज पुल 18 माह में पूरा करने का निर्देश

ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से जुड़ने वाले अगुवानी–सुल्तानगंज गंगा पुल को निर्धारित 18 माह की अवधि में पूरा करने का निर्देश दिया गया है। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने समीक्षा बैठक में परियोजना की प्रगति का जायजा लेते हुए कार्य में तेजी लाने को कहा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि तय समय-सीमा में निर्माण पूरा नहीं होने पर संबंधित एजेंसी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 1710 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पुल के एप्रोच पथ का आधे से अधिक कार्य पूरा हो चुका है, जबकि दो स्थानों पर आरओबी निर्माणाधीन हैं। रेलवे हिस्से का कार्य शेष है, जिसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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