कैंसर के खिलाफ महा अभियान: यूपी के हर जिले में 100 कैंप लगाकर होगी युवाओं में कैंसर के खतरे की जांच
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/14/article/image/download-1771022531279_m.webpप्रतीकात्मक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, जागरण लखनऊ। कैंसर अपने नाम और मौत के आंकड़ों से भयभीत कर देता है। युवाओं पर तेजी से शिकंजा कसने की वजह से यह बीमारी और खतरनाक बनकर उभर रही है। ऐसे में सरकार ने कैंसर का पता लगाने के लिए स्क्रीनिंग की रणनीति अपनाई है।
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य अमित घोष के निर्देश पर बीती छह फरवरी से हर जिले में 100 स्क्रीनिंग कैंप लगाकर 30 साल से ज्यादा उम्र के पुरुषों व महिलाओं की जांच की जा रही है। रिपोर्ट बताती है कि सर्वाधिक संदिग्ध मामले ओरल और सवाईकल कैंसर के आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2018 से स्क्रीनिंग कार्यक्रम शुरू किया, जिसमें उच्च रक्तचाप, मधुमेह व कैंसर की जांच की जाती है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ओरल विजुअल एक्जामिनेशन के तहत टार्च से कैंसर के लक्षणों की जांच की जा रही है। पीएचसी व सीएचसी पर हेल्थ कैंप लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
कम्युनिटी हेल्थ अफसर, एएनएम समेत प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ जांच कर रहा है। डेंटल सर्जन मुंह के कैंसर और सर्जन ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग करेंगे। राज्य की नोडल अधिकारी डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि मरीजों में प्रथम स्टेज में कैंसर पकड़ने पर फोकस है।
रिपोर्ट के मुताबिक एक जुलाई 2024 से आठ फरवरी 2026 के बीच 7,79,39,647 मरीजों की स्क्रीनिंग में 72, 276 में ओरल कैंसर के प्राथमिक लक्षण मिले। 3,61,46,143 मरीजों की स्क्रीनिंग में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण 1,12,015 में मिले। वहीं, 3,59,98,852 मरीजों में से 2,27,446 में सर्वाइकल कैंसर के प्राथमिक लक्षण उभरे, जिन्हें अगली जांच के लिए रेफर किया गया।
विभाग ने साफ किया कि इनमें सिर्फ लक्षण मिले हैं, कैंसर की पुष्टि नहीं हुई है। महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. पवन कुमार अरुण ने बताया कि हर जिले में 100 कैंप लगाने से मरीजों तक समय पर पहुंचना आसान होगा।
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