दो जेई निलंबित, एसडीओ के निलंबन की संस्तुति; गोरखपुर में बिजली गड़बड़ी पर कार्रवाई
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/14/article/image/Suspended-1771040121966_m.webpसांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। खजनी उपखंड क्षेत्र में गड़बड़ी के मामले में आखिरकार कार्रवाई करनी ही पड़ी। उनवल उपकेंद्र के जेई अतुल राय, खजनी व गंगटही उपकेंद्र के जेई राजेश मौर्य को निलंबित कर दिया गया है। खजनी उपखंड के एसडीओ भोलानाथ के खिलाफ निलंबन की संस्तुति की गई है।
इनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई मुख्य अभियंता आशुतोष श्रीवास्तव करेंगे। विद्युत वितरण मंडल द्वितीय के अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार ने यह कार्रवाई की है। बिजली निगम के चेयरमैन डॉक्टर आशीष गोयल के निर्देश के बाद हुई जांच की रिपोर्ट 59 दिन बाद सौंपी गई है।
गंगटही मामले में हुई कार्रवाई
गंगटही उपकेंद्र के अंतर्गत ग्राम-सिसवा नहर में बिजलीकर्मियों की मिलीभगत से पांच पोल की 11 हजार वोल्ट की लाइन शिफ्ट किए जाने की शिकायत हुई थी। 17 दिसम्बर 2025 को हुई जांच में अवर अभियन्ता राजेश कुमार मौर्या प्रथम दृष्टया दोषी मिले। यह खजनी के जेई थे और इनके पास गंगटही उपकेंद्र का अतिरिक्त प्रभार था। इनको विद्युत परीक्षण खण्ड द्वितीय के कार्यालय से सम्बद्ध किया गया है।
उनवल उपकेंद्र में हुई कार्रवाई
उनवल उपकेंद्र के अंतर्गत निविदा लाइनमैन गोविन्द यादव की बेलुसीहा में आटा चक्की पर तीन माह से अधिक समय से 10 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर रखा मिला था। 17 दिसम्बर 25 को हुई जांच में अतुल राय दोषी मिले थे। अतुल राय को विद्युत परीक्षण खण्ड द्वितीय के अधिशासी अभियंता कार्यालय से सम्बद्ध किया गया है।
एसडीओ के खिलाफ हुई कार्रवाई
गंगटही उपकेंद्र के अंतर्गत ग्राम सिसवा नहर में बिजलीकर्मियों की मिलीभगत से पांच पोल की 11 हजार वोल्ट की लाइन शिफ्ट, 10 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर छिपाकर रखे जाने तथा ईंट भट्ठे के संयोजन का स्थाई विच्छेदन किये जाने के बावजूद बिजली उपयोग किये जाने की शिकायत पत्र के आधार पर विभागीय जांच के बाद अधिशासी अभियन्ता, विद्युत वितरण खण्ड-सहजनवा गोरखपुर के पत्र के आधार पर खजनी के एसडीओ भोलानाथ प्रथम दृष्टया दोषी मिले।
निविदा लाइनमैन हो चुका है बर्खास्त, दो एफआईआर भी
निविदा लाइनमैन गोविंद यादव इस मामले में पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है। इसके अलावा छुपाकर ट्रांसफार्मर रखने और लाइन शिफ्ट किए जाने के मामले में एंटी थेफ्ट बिजली थाने में दो एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी है। इन एफआईआर के बाद जांच की प्रक्रिया सुस्त हो गई थी। दैनिक जागरण ने इस प्रकरण को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद कार्रवाई की गई।
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