आज आखिरी फेरा लगाएगी ट्रेन, यात्रियों की कमी के चलते उदयपुर-आगरा वंदे भारत का संचालन बंद
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/14/article/image/vande-bharat-train-(1)-1771047477603_m.webpफाइल फोटो।
जागरण संवाददाता, आगरा। यात्रियों की कमी के चलते शनिवार से उदयपुर-आगरा वंदे भारत बंद हो जाएगी। यह ट्रेन दो साल पूर्व चालू हुई थी। 16 फरवरी से इस ट्रेन का नंबर रद हो जाएगा और लिस्ट से भी हटा दिया जाएगा।
दो साल पूर्व आगरा से उदयपुर के मध्य शुरू हुआ था संचालन
वर्तमान में आगरा में चार वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन हो रहा है। शुरुआत में इस ट्रेन को भरपूर यात्री मिल रहे थे लेकिन इसके बाद यात्रियों की संख्या में तेजी से कमी आई।
न बंद हो उदयपुर वंदे भारत
मुस्तफा क्वार्टर वार्ड के पार्षद राकेश कनौजिया ने शुक्रवार को डीआरएम गगन गोयल से मुलाकात की। पार्षद राकेश ने उदयपुर वंदे भारत को न बंद करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वंदे भारत बंद होने से कोटा में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को आवागमन में परेशानी होगी। डीपी राठौर, पवन तोमर, विजा गौड़, अरुण गुप्ता, राजू, नितिन मौजूद रहे।
दो साल पूर्व रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन के मध्य वंदे भारत चालू हुई थी
आगरा। दो साल पूर्व रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन के मध्य वंदे भारत चालू हुई थी। आगरा मंडल की यह पहली वंदे भारत थी। इसके बाद खजुराहो वंदे भारत, उदयपुर वंदे भारत और वाराणसी वंदे भारत का संचालन चालू हुआ था। प्रयागराज में महाकुंभ-2025 में आगरा-वाराणसी वंदे भारत में वेटिंग 100 के पार तक पहुंच गई थी। यात्रियों की कमी के चलते रेल मंत्रालय ने उदयपुर वंदे भारत को बंद करने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन सोमवार, गुरुवार और शनिवार को चलती है। इसके बदले अब उदयपुर से असारवा अहमदाबाद के मध्य वंदे भारत का संचालन किया जाएगा। यह ट्रेन मंगलवार को छोड़कर बाकी छह दिन चलेगी।
उदयपुर की तरह ही तीन अन्य वंदे भारत एक्सप्रेस का ऑडिट कराया जा रहा है
रेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि उदयपुर की तरह ही तीन अन्य वंदे भारत एक्सप्रेस का ऑडिट कराया जा रहा है। हर दिन कितने यात्री सफर कर रहे हैं। संचालन में जितनी लागत आ रही है। उस हिसाब से रेलवे को कितने रुपये प्रति फेरे का फायदा हो रहा है। इन सब बिंदुओं को शामिल किया गया है। अगर यात्रियों की संख्या में कमी आएगी तो ट्रेनों को बंद करने का निर्णय लिया जा सकता है। ऐसी ट्रेनों को अन्य रूट पर संचालित किया जाएगा।
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