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हल्द्वानी में बाघ का आतंक, पकड़ने के लिए पिंजरे में लगाई गंगा देवी के खून से सनी चादर

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फतेहपुर रेंज में बाघ के हमले में महिला की मौत का मामला। प्रतीकात्मक तस्वीर



जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। फतेहपुर रेंज के जंगल में बाघ के हमले में हुई महिला की मौत के बाद वन विभाग ने दो पिंजरे लगाए हैं। कातिल बाघ को पकड़ने के लिए वनकर्मियों ने मृतका गंगा देवी के खून से सनी चादर को पिंजरे में लगाया है, ताकि बाघ अपने शिकार की गंध को सूंघकर दोबारा उस जगह पर आए तो वह पिंजरे में कैद हो जाए।

पीपलपोखरा-एक निवासी गंगा देवी अपनी बहू और पड़ोसी महिला के साथ गुरुवार को जंगल में घास काटने गई थीं। तब बाघ ने उन्हें मार डाला था। इसके बाद वन विभाग की टीम ने गुरुवार रात को घटनास्थल से कुछ दूरी पर एक पिंजरा लगाया था। वहीं शुक्रवार को दूसरा पिंजरा लगाया।

वनकर्मियों ने पिंजरे में मुर्गे का मीट और जिस चादर में लपेटकर गंगा देवी के शव को लाया गया था, वही चादर रखी है। ताकि कातिल बाघ वहां से गुजरे तो अपने शिकार की गंध को सूंघकर और मीट के लालच में पिंजरे में घुस जाए। वन्यजीव विशेषज्ञ बताते हैं कि वनकर्मी स्थानीय परिस्थितियों और पुराने अनुभवों के आधार पर वन्यजीव को पकड़ने के लिए अलग-अलग तरकीब अपनाते हैं, ताकि वे उसे चकमा देकर पकड़ सकें।
12 ट्रैप कैमरे लगाए बाघ की तलाश में

वनकर्मियों ने जंगल में अलग-अलग जगहों पर 12 ट्रैप कैमरे लगाए हैं। इन्हें इस तरह से लगाया गया है कि बाघ की मूवमेंट पता चल सके। अभी तक ट्रैप कैमरे में बाघ की तस्वीर नहीं आई है। वहीं वनकर्मी जंगल किनारे गश्त भी कर रहे हैं और लोगों को जंगल में नहीं जाने के लिए कह रहे हैं।

इसके साथ-साथ वनकर्मियों ने फतेहपुर, गांधी आश्रम, पनियाली में पोस्टर लगाकर भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इसमें लोगों से कहा जा रहा है कि वे अंधेरे में अपने बच्चों को घर से बाहर ने जाने दें। घर के आसपास उजाला रखें। घर के नजदीक कचरा, भोजन के अवशेष न छोड़ें। इससे वन्यजीव आकर्षित होते हैं।
अंतिम संस्कार हुआ, मुआवजा भेजा

गुरुवार को दोहरे हत्याकांड के चलते मृतक महिला के शव के पोस्टमार्टम में देरी हुई थी। देर शाम तक पोस्टमार्टम हुआ। ऐसे में शुक्रवार को महिला का अंतिम संस्कार हुआ। मौत से परिवार सदमे में है। वहीं रामनगर डिवीजन के डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया ने बताया कि परिवार को मुआवजा दे दिया गया है।

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