हिमाचल में नो मोबाइल पॉलिसी की समीक्षा करेगी सरकार, CBSE स्कूलों में तैनात होने वाले शिक्षकों को मिलेगी राहत
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/14/article/image/CBSE-Himachal-Govt-School-1771048035288_m.webpहिमाचल प्रदेश सरकार ने सीबीएसई स्कूलों में तैनात होने वाले शिक्षकों को राहत दी है। प्रतीकात्मक फोटो
राज्य ब्यूरो, शिमला। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में नियुक्त होने वाले शिक्षकों को राहत प्रदान की है। शिमला में शुक्रवार को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के लिए चयनित शिक्षकों का उनके मूल कैडर में अधिकार (लियन) सुरक्षित रखा जाए, ताकि उनके पदोन्नति के अवसर प्रभावित न हों।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि आगामी शैक्षणिक सत्र से 140 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया जाएगा। पहले चरण में 99 स्कूलों को संबद्धता मिल चुकी है, जबकि शेष स्कूलों के लिए प्रक्रिया जारी है। इस बैठक में शिक्षा सचिव राकेश कंवर, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा अभियान राजेश शर्मा और शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
प्रधानाचार्य को भी दी राहत
मुख्यमंत्री ने सीबीएसई स्कूलों में प्रधानाचार्यों की नियुक्ति के लिए मौजूदा सेवा शर्तों में राहत प्रदान करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने शेष सेवा अवधि की अनिवार्यता को तीन वर्ष से घटाकर दो वर्ष करने की बात कही। इसके अलावा, सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के लिए एक अलग लोगो और वर्दी (यूनिफार्म कलर स्कीम) की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कहा कि वे स्वयं इन संस्थानों में शैक्षणिक स्तर की प्रगति की निगरानी करेंगे। इसके साथ ही, स्कूलों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
नो फोन नीति की होगी समीक्षा
उन्होंने स्कूलों में ‘नो मोबाइल फोन नीति’ के क्रियान्वयन की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए, जो इस वर्ष एक मार्च से लागू होने जा रही है।
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