deltin33 Publish time 2026-2-14 16:27:21

लखनऊ, नोएडा और गाजियाबाद में बनेंगे वर्किंग विमेन हॉस्टल, 4000 महिलाओं को मिलेगा सुरक्षित आवास

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श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण कार्य में तेजी



डिजिटल डेस्क, लखनऊ। शहरी क्षेत्रों में रोजगार की तलाश में आने वाली कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार ने आठ श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी है। कुल स्वीकृत धनराशि का 66 प्रतिशत प्रथम किस्त के रूप में जारी किया जा चुका है। इससे निर्माण कार्य को गति मिली है। भारत सरकार की एसएएससीआई योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में यह परियोजना संचालित की जा रही है, जिसके लिए कुल 382 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

सीएंडडीएस को दी गई जिम्मेदारी
प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2025 में सीएंडडीएस को इस परियोजना का कार्यदायी संस्थान नामित किया है। विभागीय स्तर पर भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया पूरी कर संबंधित विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। लखनऊ में तीन, गौतमबुद्धनगर में चार और गाजियाबाद में एक समेत कुल आठ छात्रावासों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। प्रत्येक छात्रावास की क्षमता 500 महिलाओं की होगी। इस प्रकार कुल 4,000 कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

सुरक्षा और स्वच्छता पर जोर
इन छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ शौचालय, भोजनालय, सामान्य बैठक कक्ष तथा अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उद्देश्य यह है कि रोजगार के लिए शहरों में आने वाली महिलाओं को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण मिल सके।

महिला सशक्तीकरण की दिशा में ठोस कदम
गाजियाबाद के सूर्यनगर क्षेत्र में प्रस्तावित छात्रावास के लिए आवश्यक अनुमति के लिए प्रक्रिया जारी है। संबंधित प्राधिकरणों से स्वीकृति प्राप्त होते ही वहां भी निर्माण कार्य पूर्ण गति से शुरू किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में महिलाएं विभिन्न उद्योगों, सेवा क्षेत्रों, निजी संस्थानों और असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हैं। आवास की कमी और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां उनके सामने बड़ी समस्या बनती हैं। इस परियोजना के माध्यम से सरकार न केवल सुरक्षित आश्रय उपलब्ध करा रही है, बल्कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में ठोस कदम भी उठा रही है।

महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर
यह योजना केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। योगी सरकार का फोकस स्पष्ट है कि आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़े और उन्हें कार्यस्थल के साथ-साथ आवासीय सुरक्षा भी सुनिश्चित हो। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से समयसीमा के अंदर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि गुणवत्ता और तय समयसीमा का पालन सुनिश्चित हो सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से प्रदेश के शहरी श्रमबल को मजबूती मिलेगी और कामकाजी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी। सुरक्षित और किफायती छात्रावास व्यवस्था महिलाओं को रोजगार के अवसरों से जुड़ने में सहायक सिद्ध होगी।
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