आतिशी मामले में दिल्ली विधानसभा सख्त; ACS, डीजीपी, जालंधर पुलिस कमिश्नर को नोटिस, 20 फरवरी तक मांगा जवाब
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/14/article/image/atishi-dispute-1771072583007_m.webpपूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना।
जागरण संवाददाता, जालंधर। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना से जुड़े विवादित प्रकरण में दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने सख्त रुख अपनाते हुए पंजाब के डीजीपी गौरव यादव और जालंधर के पुलिस कमिश्नर को अंतिम नोटिस जारी किया है। सचिवालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि दोनों अधिकारी 20 फरवरी 2026 तक हर हाल में अपना लिखित जवाब प्रस्तुत करें।
सूत्रों के अनुसार, यह नोटिस विशेषाधिकार समिति की कार्यवाही के तहत जारी किए गए हैं। पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि मांगी गई जानकारी या संबंधित दस्तावेज तय समय में उपलब्ध नहीं कराए गए तो इसे विशेषाधिकार का उल्लंघन और अवमानना माना जा सकता है।
जानकारी के मुताबिक, तीनों संबंधित अधिकारियों को पहले 5 फरवरी तक जवाब देने के लिए कहा गया था। निर्धारित समय में जवाब न मिलने पर 12 फरवरी तक का अतिरिक्त समय दिया गया। इसके बावजूद जवाब लंबित रहने पर अब अंतिम अवसर देते हुए 20 फरवरी की डेडलाइन तय की गई है।
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कांग्रेस नेताओं की टिप्पणी के बाद विवाद बढ़ा
यह मामला आम आदमी पार्टी के नेता इकबाल सिंह की शिकायत के बाद सामने आया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कांग्रेस नेताओं परगट सिंह और सुखपाल खैहरा ने एक कथित वीडियो को आगे प्रसारित किया। इस आधार पर संबंधित नेताओं के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी।
बाद में पुलिस की ओर से उक्त वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराई गई। जांच में कथित तौर पर वीडियो से छेड़छाड़ की बात सामने आने का दावा किया गया, जिससे मामला और अधिक विवादित हो गया।
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राजनीतिक हलकों में तीखी बहस जारी
राजनीतिक हलकों में इस पूरे प्रकरण को लेकर तीखी बहस जारी है। एक ओर जहां इसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी नोटिस ने प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर गंभीर स्थिति पैदा कर दी है।
अब निगाहें 20 फरवरी की समयसीमा पर टिकी हैं। यदि तय तिथि तक जवाब नहीं आता, तो विशेषाधिकार हनन और अवमानना की औपचारिक कार्रवाई शुरू हो सकती है, जिससे मामला और तूल पकड़ सकता है।
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