हरियाणा में 70 हजार बुजुर्गों को राहत, रुकी पेंशन जारी; CM नायब सैनी का बड़ा फैसला
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/14/article/image/nayab-saini-(246)-1771082507897_m.webpहरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी। फोटो एक्स
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। करीब 70 हजार बुजुर्गों की रोकी गई पेंशन जारी कर दी गई है। नवंबर की पेंशन शनिवार को जारी कर दी गई, जबकि दिसंबर की पेंशन दो दिन बाद यानी सोमवार को आएगी। इतना ही नहीं, अब सभी वर्गों को हर महीने की दस तारीख को पेंशन और सहायता राशि जारी कर दी जाएगी।
पेंशन जारी करने के साथ ही प्रदेश सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में पेंशन का भुगतान नहीं रोका जाएगा। कोई मामला संदिग्ध भी हो तो तब तक पेंशन जारी रहेगी, जब तक यह पूरी तरह साबित न हो जाए कि लाभार्थी अपात्र है।
दरअसल समाज कल्याण विभाग ने नवंबर में कई बुजुर्गों की पेंशन रोकनी शुरू कर दी थी। आरोप है कि कुछ बुजुर्ग उम्र और आय की गलत जानकारी देकर पेंशन ले रहे हैं। कई पेंशनर्स के परिजन भी पेंशन ले रहे हैं। इस तरह नवंबर व दिसंबर में करीब 70 हजार बुजुर्गों की पेंशन रोक ली गई।
इस पर विवाद शुरू हुआ तो विपक्ष ने इसे मुद्दा बना लिया। मुख्य विपक्ष दल कांग्रेस ने सभी जिला मुख्यालयों पर धरने-प्रदर्शन का शेड्यूल भी जारी कर दिया। इसी तरह इनेलो और जजपा ने भी प्रदर्शन घोषित कर दिए।
मामले के तूल पकड़ने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 11 फरवरी को अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। इसमें सेवा विभाग के तीन सीनियर अधिकारियों के साथ ही पेंशन से जुड़े 11 अन्य अधिकारियों को भी बुलाया गया।
इसमें मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक वेरिफिकेशन का काम पूरा नहीं हो जाए, तब तक किसी भी पेंशन होल्ड नहीं की जाए। सबकी पेंशन जारी की जाए। इसके साथ ही सभी तरह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन में वृद्धि का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया।
दो महीने देरी से जारी हुआ पेंशन बढ़ाने का नोटिफिकेशन
सरकार ने नवंबर में पेंशन में वृद्धि की घोषणा की थी, लेकिन दो महीने की देरी से नोटिफिकेशन जारी किया है। मुख्यमंत्री का निर्देश है कि उनकी अनुमति के बिना किसी भी बुजुर्ग की पेंशन न रोकी जाए।
यदि किसी लाभार्थी की पात्रता संदिग्ध लगे तो उसे संदेश भेजकर कारण बताया जाए और पक्ष रखने का अवसर दिया जाए। यदि दस्तावेज अधूरे हों तो जमा कराने के निर्देश दें। आवश्यकता पड़ने पर अधिकारी स्वयं बुजुर्ग के घर जाएं पर भुगतान जारी रखें।
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