मुजफ्फरनगर पुलिस ने अमेजन पार्सल से सोना चोरी करने वाले गैंग के 3 सदस्य किए गिरफ्तार, ₹6.50 लाख का माल बरामद
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/15/article/image/muzaffanagar-news-1771094534628_m.webpमुजफ्फरनगर में पुलिस लाइन सभागार में पकड़े गए चोरों के बारे में जानकारी देते एसएसपी संजय कुमार वर्मा
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। पुलिस ने अमेजन कंपनी के पार्सल से सोने के सिक्के और बिस्किट चोरी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का राजफाश किया है। गिरोह के तीन सदस्यों को 6.50 लाख रुपये के सोने के बिस्किट-सिक्कों के साथ पकड़ा है, जबकि इनके दो साथी फरार हो गए।
यह गिरोह पार्सल से सामान चोरी के बाद कैश बैक मिलने का बहाना बनाकर उसे निरस्त करता था। पुलिस गिरोह की कुंडली खंगालने में लगी है।
पुलिस लाइन सभागार में पत्रकार वार्ता में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि 11 फरवरी को गाजियाबाद के सिहानी गेट थाना क्षेत्र की दीपक कॉलोनी निवासी एमएस वाटर मेलन कंपनी के सुपरवाइजर ने मुकदमा दर्ज कराया था कि वह मुजफ्फरनगर की ब्लू डार्ट कंपनी में मैन पावर आपूर्ति करता है।
ब्लू डार्ट अमेजन के पार्सलों की डिलीवरी करती है। 31 जनवरी को लोकेश, नीलम समेत तीन लोगों के नाम पर सोने के सिक्कों के पांच पार्सल आए थे। जिनसे सोने के सिक्के चाेरी कर पार्सल को निरस्त कर दिया गया। पुलिस मामले की जांच में लगी थी।
शनिवार को सहावली कट के निकट से पुलिस ने दिनेश कुमार पुत्र रामकरण मीना, सूर्या पुत्र बाबूलाल निवासी बस्सी दोपुर थाना बस्सी, जयपुर, राजस्थान, भूप सिंह पुत्र रामस्वरूप निवासी ग्राम लुनियाबास थाना जामडोली, जयपुर, राजस्थान को पकड़ा है, जबकि इनके दो साथी अशोक पुत्र सूरजराम निवासी बस्सी दोपुर थाना बस्सी, जयपुर, राजस्थान तथा हितेश निवासी दोसा, राजस्थान फरार हो गए।
पकड़े गए आरोपितों के कब्जे से 18 ग्राम के दो सोने के सिक्के, 20 ग्राम के दो सोने के बिस्किट तथा चार मोबाइल बरामद हुए हैं। जिनकी कीमत लगभग 6.50 लाख रुपये है। पुलिस शातिरों की कुंडली खंगालने में लगी है। शातिर अंतरजनपदीय स्तर पर मेरठ, गोरखपुर, मुजफ्फरनगर के अलावा प्रयागराज में घटना कर चुके हैं।
इस तरह करते थे पार्सल से चोरी
एसएसपी के मुताबिक पकड़े गए तीनों शातिरों ने बताया कि वह अपने साथी अशोक व हितेश साथ मिलकर अमेजन से सोने व चांदी के सिक्के तथा बिस्किट के प्रीपेड ऑर्डर फर्जी मोबाइल नंबर से करते हैं। पहले एक या दो हजार रुपये का ऑर्डर देते थे। जिसे कैश बैक का बहाना देकर डिलीवरी ब्वाय को पार्सल वापस देकर निरस्त करा देते हैं।
हर कैंसिल ऑर्डर के डिलीवरी ब्वाय को 500 रुपये देते थे। विश्वास जमाने के बाद अशोक अपने आईडीएफसी बैंक के खाते से अमेजन ऐप पर अधिक कीमत के गोल्ड के सिक्के या बिस्किट आर्डर करता है। उन पार्सल से सोने के सिक्के, बिस्किट चोरी करने के बाद वापस कर देते थे।
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