बेडरूम से लेकर सार्वजनिक कार्यक्रमों में धमाचौकड़ी मचा रहे निराश्रित गोवंश, ऋषिकेश में जनजीवन प्रभावित
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/15/article/image/cattle-Terror--1771150231821_m.webpऋषिकेश के निकायों में निराश्रित गोवंश गंभीर समस्या बनी हुई है।
जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। तीर्थनगरी के निकायों में निराश्रित गोवंश लोगों की गंभीर समस्या बने हुए हैं। यह निराश्रित गोवंश लोगों के बेडरूम से लेकर सार्वजनिक कार्यक्रमों में धमाचौकड़ी मचाते हैं।
पिछले एक साल में चार लोग निराश्रित गोवंश के हमले में अपनी जान गंवा चुके हैं। निकायों के पास केवल योजनाएं है जो धरातल में नहीं उतर रही है। जिसका खमियाजा लोगों को भुगतान पड़ रहा है।
नगर निगम ऋषिकेश, नगर पालिका मुनिकीरेती, नगर पंचायत तपोवन और नगर पंचायत स्वर्गाश्रम क्षेत्र में निराश्रित गोवंश का आतंक है। इन क्षेत्रों में तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों की आवाजाही साल भर लगी रहती है।
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नगर निगम ऋषिकेश क्षेत्र में ही करीब आठ सौ निराश्रित गोवंश सड़कों पर घूमते हैं। इसमें सांड सबसे अधिक खतरा पैदा करते हैं।
शुक्रवार को एक बहुउद्देशीय शिविर में सांडों के घुसने से मची अफरा-तफरी का वीडियो इंटरनेट मीडियों में तेजी से प्रसारित हो रहा है। ऐसी समस्या से नगरवासी अक्सर जूझते हैं।
कुछ साल पहले बनखंडी में सड़क पर लड़ते-लड़ते दो सांड एक घर में घुस गए थे। एक सांड बेडरूम में बेड के ऊपर चढ़ गया।
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रामझूला क्षेत्र में एक दुकान के अंदर भी सांड घुस गए थे। जिसमें दुकान में मौजूद युवती की जान बाल-बाल बच गई थी। इसका वीडियो उस समय इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ था। कई लोग पशुओं के हमले में अपनी जान गंवा चुके हैं।
प्रगति विहार, शिवाजी नगर और रायवाला में बुजुर्गों पर सांडों ने हमला कर दिया था। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। त्रिवेणी घाट पर एक साधु की सांड के हमले में मौत हो गई थी।
यह सब घटनाएं पिछले एक साल में हुई। पिछले माह ही प्रगति विहार में पूर्व पार्षद और महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश सिंह पर सांड ने हमला कर दिया था।
कागजों में ही हैं योजनाएं
शहर की सबसे बड़ी समस्या निराश्रित गोवंश की रही है। नगर निगम को लंबी कवायद के बाद रायवाला में गोशाला निर्माण के लिए 13 बीघा जमीन मिली।
अब तक इस पर काम शुरू नहीं हो पाया है। निगम की ओर से 4.79 करोड़ की लागत से गोशाला निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी गई है।
नगर पालिका मुनिकीरेती और नगर पंचायत तपोवन की ओर से संयुक्त रूप से जगह चिह्नित की गई थी। लेकिन यह मामला आगे नहीं बढ़ पाया।
नगर निगम क्षेत्र में निराश्रित गोवंश के लिए गोशाला निर्माण के लिए निगम को रायवाला में जगह मिली है। गोशाला निर्माण के लिए डीपीआर बनाकर शासन को भेजी गई है। निगम लगातार हिंसक गोवंश को पकड़ने का अभियान चलता रहता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए निगम प्रशासन प्रयासरत है।
शंभू पासवान, महापौर, नगर निगम
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बहुउद्देशीय शिविर में घुसे सांड
मुनिकीरेती स्थित रामलीला मैदान में शुक्रवार को आयोजित सरकारी बहुउद्देशीय शिविर में उस वक्त भगदड़ मच गई, जब अचानक कुछ सांड टेंट के भीतर घुस आए। \“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार\“ कार्यक्रम के दौरान हुए इस वाकये से वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में दहशत फैल गई।
सांडों को अपनी ओर आता देख स्टालों पर बैठे कर्मचारी कुर्सियां छोड़कर इधर-उधर भागने लगे। मौके पर मौजूद सीडीओ वरुणा अग्रवाल व अन्य अधिकारियों को भी असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।
इसके बाद नगर पालिका मुनिकीरेती की ईओ अंकिता जोशी ने नगर पालिका कर्मियों को बुलाया, जिसके बाद सांड को बामुश्किल शिविर से बाहर भगाया जा सका। गोवंश की शिविर में मौजूदगी के दौरान जन सुनवाई पूरी तरह बाधित रही।
गोवंश शिविर से बाहर भागने के बाद अधिकारी, कर्मी व लोगों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों और यूकेडी कार्यकर्ताओं ने इस घटना पर कड़ा रोष जताते हुए प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
बाद में नगर पालिका कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद सांडों को परिसर से बाहर खदेड़ा, तब जाकर स्थिति सामान्य हो सकी। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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