तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे ओम बिरला, बांग्लादेश क्यों नहीं जाएंगे PM मोदी?
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/15/article/image/om-(1)-1771159292023_m.webpतारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में जाएंगे लोकसभा अध्यक्ष (फाइल फोटो)
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पड़ोसी संबंधों को मजबूत करने का एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।
लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला 17 फरवरी 2026 को ढाका में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के चेयरमैन तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई चुनी हुई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे।
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विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, “लोकसभा अध्यक्ष बिरला का इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाग लेना भारत और बांग्लादेश के लोगों के बीच स्थायी मित्रता को रेखांकित करता है। यह भारत की लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को भी दोहराता है, जो दोनों देशों को बांधे रखते हैं। साझा इतिहास, संस्कृति और पारस्परिक सम्मान से जुड़े पड़ोसी के रूप में भारत, तारिक रहमान के नेतृत्व में चुनी गई सरकार का स्वागत करता है, जिसे जनता ने भारी बहुमत से जनादेश दिया है।“
समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व मजबूत बनाने के लिए विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी ढाका जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, विदेश सचिव वहां बांग्लादेश के विदेश सचिव के साथ बैठक कर सकते हैं जिसमें द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हो सकती है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला जब नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात करेंगे, तो विदेश सचिव उनके साथ मौजूद रहेंगे।
पीएम मोदी रहेंगे व्यस्थ
यह उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत की ओर से संबंधों को प्राथमिकता देने का स्पष्ट संकेत है। बांग्लादेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शपथ ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन 17 फरवरी को वे मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ व्यस्त रहेंगे।
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केंद्र सरकार ने लोकसभा स्पीकर और विदेश सचिव को भेजकर यह संदेश दिया है कि भारत बांग्लादेश के साथ अपने संबंधों को सामान्य बनाने और मजबूत करने में कोई देरी नहीं करना चाहता। इससे पहले, चुनावी जीत पर तारिक रहमान को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे फोन पर बात की थी जो दोनों देशों के बीच सकारात्मक जुड़ाव का पहला संकेत था।
मोदी ने जीत पर बधाई दी और मजबूत द्विपक्षीय संबंधों की प्रतिबद्धता दोहराई।बीएनपी की हालिया चुनावी जीत के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक परिवर्तन का दौर शुरू हुआ है और भारत इसे एक सकारात्मक अवसर के रूप में देख रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा, जल-साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर सहयोग को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।
उठा शेख हसीना का मुद्दा
चुनाव परिणाम आने के बाद भी बीएनपी के कुछ नेताओं ने भारत में शरण लिये पूर्व पीएम शेख हसीना का मुद्दा उठाया है और आगे इस मुद्दे को लेकर नई सरकार क्या रवैया अपनाती है, यह बहुत कुछ दोनों देशों के संबंधों की दिशा को तय करेगा। साथ ही तारिक रहमान सरकार से भारत यह भी गारंटी चाहेगा कि पूर्व की तरह बीएनपी के कार्यकाल में बांग्लादेश को भारत विरोधी गतिविधियों का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा।
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