अब ग्रेटर नोएडा में खनन माफिया के बनाए गड्ढे में डूबकर 3 साल के मासूम की मौत, प्राधिकरण को ग्रामीणों ने लिखा था पत्र
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/15/article/image/greater-noida-news-1771166850616_m.webpखनन माफिया के बनाए इसी गड्ढे में डूबने से हुई देवांश की मौत। जागरण
जागरण संवाददाता, दनकौर (ग्रेटर नोएडा)। दलेलगढ़ गांव में भंडारे में आया तीन वर्षीय बच्चा खेलते समय खनन के गड्ढे में गिर गया। घटना के कुछ देर बाद स्वजन को मामले की जानकारी हुई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को तलाश कर गड्ढे से बाहर निकाला। इसके बाद अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि करीब डेढ़ माह पहले ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में लिखित शिकायत कर जलभराव से दुर्घटना की आशंका व्यक्त की गई थी।
लिखित शिकायत को किया अनदेखा
ग्रामीणों का आरोप है कि लिखित शिकायत के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया और रविवार को बच्चे की मौत हो गई। उधर, प्राधिकरण के मुताबिक जिस जमीन पर गड्ढा है वह किसान की खुद की जमीन है। ऐसे में प्राधिकरण उस जमीन पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं कर सकता। पुलिस का कहना है कि पीड़ित स्वजन ने शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया है।
मां के साथ आया था भंडारे में
दलेलगढ़ के रहने वाले अनिल की बेटी अंजली की शादी कुछ वर्ष पहले सिकंदराबाद क्षेत्र के सपोली गांव में हुई थी। कुछ दिन पहले ही वह तीन वर्षीय बेटे देवांश को लेकर गांव में आई थी। रविवार को गांव के ही मंदिर पर भंडारा लगा था, जहां बच्चा अपनी मां के साथ गया था। खेलते समय अचानक वह गड्ढे में गिर गया।
कुछ देर बाद जब मां को बच्चा दिखाई नहीं दिया तो उसकी तलाश शुरू की गई। बाद में अनुमान लगाया कि बच्चा पानी में हो सकता है। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को गड्ढे में तलाश कर बाहर निकाला और अस्पताल में लेकर पहुंचे जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
खनन माफिया ने बनाए कई गड्ढे
गांव के रहने वाले अधिवक्ता अमित भाटी ने बताया कि खनन माफिया द्वारा कई वर्ष पहले खनन कर मंदिर के पास बड़े-बड़े और काफी गहरे गड्ढे बना दिए गए हैं, जिनमें पानी भरा है। चार जनवरी को उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में लिखित शिकायत देकर अनहोनी की आशंका व्यक्त की थी।
उनका आरोप है कि ग्रामीणों की शिकायत को प्राधिकरण द्वारा गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके कारण बच्चे की जान चली गई। कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह का कहना है कि मंदिर के पास एक तालाब है, जिसमें गिरकर बच्चे की मौत हुई है। पीड़ित स्वजन द्वारा शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है।
“दलेलगढ़ गांव में मंदिर के पास एक गड्ढे में भरे पानी में डूबने से तीन साल के मासूम की मौत होने की सूचना पर प्राधिकरण के संबंधित वर्क सर्कल की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम को पता चला है कि यह जमीन गांव के ही किसान के नाम पर दर्ज है। यह सरकारी तालाब नहीं है। इसी जमीन पर गड्ढे में पानी भरा था, जिसमें डूबने से बच्चे की मौत हुई है। इस घटना से प्राधिकरण के अधिकारियों में भी गहरा शोक है।“
-एके सिंह, महाप्रबंधक, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
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