UP के 87% बिजली उपभोक्ता घरेलू, विद्युत नुकसान 31.19 से घटकर पहुंचा 19.21 प्रतिशत
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/15/article/image/UP-bijli-1771175999680_m.webpराज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की संरचना काफी असंतुलित है। कुल उपभोक्ताओं में लगभग 87 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता हैं, जबकि औद्योगिक उपभोक्ताओं की संख्या महज एक प्रतिशत है। इसी वजह से उत्तर प्रदेश अन्य राज्यों की तुलना में राजस्व संतुलन के मामले में पीछे रह जाता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में बिजली क्षेत्र में सुधार हुआ है और हानियों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अनुसार प्रदेश में कुल 3,72,01,097 बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें 3,24,74,855 घरेलू उपभोक्ता (लगभग 87 प्रतिशत) हैं। वाणिज्यिक उपभोक्ताओं की संख्या 23,91,786 (करीब छह प्रतिशत) है। औद्योगिक उपभोक्ता 2,15,033 (लगभग एक प्रतिशत) हैं। कृषि उपभोक्ता 15,96,308 (लगभग चार प्रतिशत) हैं।
अस्थायी कनेक्शन की संख्या एक प्रतिशत से भी कम
सरकारी उपभोक्ता 4,27,568 (लगभग एक प्रतिशत) हैं। वहीं बल्क सप्लाई और अस्थायी कनेक्शन की संख्या लगभग 95,547 है, जो एक प्रतिशत से भी कम है। प्रदेश में राजस्व का बड़ा हिस्सा घरेलू उपभोक्ताओं से आता है, जबकि औद्योगिक उपभोक्ताओं की संख्या बेहद कम है। अन्य राज्यों में औद्योगिक उपभोक्ताओं की हिस्सेदारी अधिक होने से वहां राजस्व संतुलन बेहतर रहता है।
परिषद के अध्यक्ष एवं केंद्र व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि भारत सरकार की रेटिंग में प्रदेश की स्थिति पहले से सुधरी है। बिजली कंपनियों की वित्तीय हालत बेहतर हुई है। वर्ष 2021-22 में प्रदेश की सभी बिजली कंपनियों की कुल विद्युत हानियां 31.19 प्रतिशत थीं, जो वर्ष 2024-25 में घटकर 19.21 प्रतिशत रह गई हैं।
यह भी पढ़ें- 84 कोसी परिक्रमा रोड से मिलेगा \“संजय पुल\“ का विकल्प, भूमि अधिग्रहण पूरा, प्रोजेक्ट में खर्च होंगे 1192 करोड़
इसी तरह वितरण हानि वर्ष 2021-22 में 19.80 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2024-25 में घटकर 13.71 प्रतिशत पर आ गई है। प्रदेश जल्द ही वितरण हानि को सिंगल डिजिट में लाने वाला देश का अग्रणी राज्य बनेगा और पावर सेक्टर में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा।
Pages:
[1]