cy520520 Publish time 2026-2-16 09:26:44

बिहार में NMCH के इमरजेंसी वार्ड में टीबी संक्रमण फैलने का खतरा, जगह और डॉक्टरों की कमी झेल रहा अस्पताल

https://www.jagranimages.com/images/2026/02/16/article/image/NMCH-1771214412020_m.webp

नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती मरीज। फोटो जागरण



जागरण संवाददाता, पटना सिटी। नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी स्थित टीबी वार्ड में गंभीर और अति गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। इमरजेंसी में भर्ती अन्य गंभीर मरीजों के साथ ही टीबी के मरीज भी बिना कोई सावधानी बरते शौचालय से लेकर अन्य व्यवस्था का इस्तेमाल कर रहे हैं।

बेरोकटोक इधर-उधर घूम रहे हैं। इस कारण सामान्य मरीजों में टीबी का संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गयी है। इसे लेकर स्वजन डरे-सहमे हैं। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने इस स्थिति को चिंताजनक बताते हुए इमरजेंसी से टीबी वार्ड को अलग करने की बात कही है।

चिंता इस बात की भी है कि टीबी एवं छाती रोग विभाग एक मेडिकल ऑफिसर के बूते चल रहा है। भर्ती मरीजों के समुचित इलाज के लिए चिकित्सकों का टोटा है।

टीबी के मरीजों को इमरजेंसी स्थित वार्ड तथा पेइंग वार्ड स्थित कमरों में भी भर्ती किया जाता है। अस्पताल प्रशासन ने इस विभाग में चिकित्सकों की बहाली होने तक जिम्मेदारी औषधि विभाग को सौंप दी है।

विभागाध्यक्ष डॉ. प्रो. अजय कुमार सिंहा ने बताया कि टीबी के सभी तरह के मरीजों को इमरजेंसी स्थित टीबी वार्ड और पेईंग वार्ड में भर्ती किया जाता है। मरीजों, सभी चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं स्वजनों को हर समय मास्क लगाने की हिदायत दी गई है।

विभाग के एक मेडिकल आफिसर के साथ औषधि विभाग के चिकित्सक टीबी मरीजों को देख रहे हैं। विभागाध्यक्ष ने कहा कि इमरजेंसी में भर्ती अन्य मरीजों तथा उपस्थित लोगों में से किसी में रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होगी तो टीबी का संक्रमण उनमें फैलने की पूरी संभावना है।

विभाग के लिए प्रशिक्षित चिकित्सक की आवश्यकता है जो इलाज करने के साथ ही पीजी को प्रशिक्षित भी कर सकेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार औषधि विभाग के ओपीडी में हर दिन साठ-सत्तर मरीज टीबी के लक्षण वाले पहुंचते हैं। जांच उपरांत मरीज को भर्ती कर समुचित इलाज के लिए अस्पताल में जगह के साथ चिकित्सक की कमी है।


एनएमसीएच में मरीज अधिक और जगह बहुत कम है। इमरजेंसी से लेकर कई विभागों में परेशानी बढ़ गयी है। इमरजेंसी में टीबी वार्ड रखना मजबूरी है। अस्पताल के भवन निर्माण के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है। - डॉ. प्रो. रश्मि प्रसाद, अधीक्षक, एनएमसीएच
Pages: [1]
View full version: बिहार में NMCH के इमरजेंसी वार्ड में टीबी संक्रमण फैलने का खतरा, जगह और डॉक्टरों की कमी झेल रहा अस्पताल